Uk Election 2022: काशीपुर का Drona Sagar बनता प्रशासन की लापरवाही का शिकार

Publish Date: 29 Jan, 2022 |
 

उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण काशीपुर (Kashipur)  विधानसभा सीट पर एक बार फिर से सभी पार्टियों के प्रत्याशियों की नजरें टिकी हुई है। दरअसल, उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव 2022 (Utrakhand Assembly Election 2022)  के होने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए है। ऐसे में इस सीट से निर्वाचित सभी पार्टी के प्रत्याशी जनता को साधने में जुट गए है।  लेकिन इसी बीच काशीपुर विधानसभा से फिर वही मुद्दा सामने आया है जिसकी मांग पिछले दो दशकों से की जा रही है। 



Drona Sagar का इतिहास 


दरअसल, काशीपुर अपनी ऐतिहासिक और महाभारत कालीन विरासत के रूप में जाना जाता है। जिसके पीछे की वजह है यहां स्थित द्रोण सागर ( Drona Sagar) द्रोण सागर को लेकर कहा जाता है कि इसी स्थान पर महाभारत काल में गुरु द्रोण ने पांडवों को दीक्षित किया था। इसके अलावा भी द्रोण सागर से जुड़ी उस काल की और भी कई कथाएं प्रचलित है। काशीपुर के पूर्वी छोर पर करीब तीन किलोमीटर की परिधि में पवित्र द्रोण सागर फैला हुआ है। 

लेकिन भारत की इस महत्वपूर्ण विरासत द्रोण सागर (Drona Sagar) आज उपेक्षाओं का शिकार बनकर रह गया है। जहां इस विरासत की ओर उत्तराखण्ड सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए था उसके विपरीत सरकार की लापरवाही और ध्यान न देने की वजह से सरोवर के आसपास लम्बी लम्बी झाड़ियां उग आई है। 

रखरखाव और किसी भी तह की सुरक्षा न मिलने के कारण आज द्रोण सागर का महत्व खोता जा रहा है।द्रोण सागर रखरखाव के अभाव के कारण सिर्फ एक घास का मैदान बन कर रह गया है। 



चीनी यात्री ह्वेनसांग ने किया जिक्र 


चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी अपनी किताब में इस पवित्र सागर का जिक्र किया है। इस सागर के बारे में लिखते हुए ह्वेनसांग ने कहा है कि काशीपुर में गोविषाण टीले के पास एक पवित्र सरोवर है जिसे Drona Sagar कहा जाता है। 

 


Drona Sagar की हो रही है बेकद्री 


ऐसी ऐतिहासिक विरासत और पुराणिक विरासत को खुद में समेटे होने के बावजूद भी द्रोण सागर आज भी उपेक्षा का दर्द झेल रहा हैं। अगर इसे पर्यटन स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जाए तो पूरी दुनिया में यह पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र बनने के साथ ही दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना सकता है। 


भुलाया जाता है दिया हुआ आश्वासन

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई भी चुनाव नजदीक आते है तो हर प्रत्याशी जनता के बीच द्रोण सागर को बेहतर पर्यटन स्थल बनाने के आश्वासन की बात कहते हैं लेकिन चुनाव के बाद द्रोण सागर का यह आश्वासन हर सरकार भूल जाती है और यहां की तस्वीर जस की तस बनी ही रहती है। 



वहीं आपको बता दे कि 2017 में इस विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के नेता हरभजन सिंह चीमा (Harbhajan Singh Cheema) ने कई विपक्षी नेताओं को भारी वोट के अंतर से मात देते हुए बड़ी जीत दर्ज की थी।


 

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