Afghanistan Crisis: Taliban के कब्ज़े के बाद में घुट-घुट कर जीने को मजबूर हैं अफगानी महिलाएं

Publish Date: 29 Aug, 2021 |
 

 

Afghanistan Crisis:  पिछले कुछ दिनों से अफगानिस्तान में जो कुछ भी चल रहा है वो बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। इसके बाद से ही अफगानिस्तान के हालात खराब हो गए हैं। अफगानिस्तान में फिर एक बार तालिबान युग की वापसी हो गई है। तालिबान ने काबुल में प्रवेश कर अबपूरे अफगानिस्तान पर अपना कब्जा कर लिया है। अफगानिस्तान के हर एक कौने से बेहद ही खतरनाक तस्वीरें और वीडियो देखने को मिल रहे हैंजिसको देख हर कोई रो रहा है। तालिबानियों की दहशत इस कदरहै कि लोग किसी भी तरह छोड़कर जाना चाहते हैं।

 

तालिबान के कब्जे के बाद कहाँ हैं अफगानी महिलाएं

अफगानिस्तान में जबसे तालिबान का कब्जा हुआ है सबसे बुरा हाल अफगानी महिलाएं का है। 15 अगस्त 2021 को के बड़े हिस्से पर तालिबान ने अपना कब्जा कर लिया था। तब से ही महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर रोक लग दी गई है। बाकी देशों की तरह अपने अफगानी महिलाएं पढ़ना चाहती हैं, कामना चाहती है, अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीना चाहती हैं। लेकिन अब ये सब इतना आसाना नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिलाओं को घर से बाहर निकलने से माना कर दिया है।

अमेरिका के नेतृत्व में NATO सेनाओं ने जिस तालिबान को 2001 में सत्ता से हटाया था, अब 20 साल बाद फिर एक बार तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अचानक बुर्खों की बिक्री बढ़ है। अफगानी महिलाओं के अधिकारों का हनन और उन पर अत्याचार की खबरे सामने आने लगी हैं। अफगानिस्तान फिर एक बार कई साल पीछे चला गया है।

 

महिलाओं को लेकर तालिबान का नए आदेश

तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने महिलाओं से जुड़े एक सवाल पर कहा कि, उन्हें कामकाज या रोजगार के लिए घर से नहीं निकलना चाहिए। मैं मानता हूं कि घर के बाहर वे महफूज नहीं हैं, क्योंकि तालिबानियों को महिलाओं की इज्जत करने की ट्रेनिंग नहीं दी गई है।"

मुजाहिद ने आगे कहा कि, "हम कोशिश कर रहे हैं कि महिलाओं से गलत बर्ताव न किया जाए और इसके लिए तालिबानियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। मैं यह मानता हूं कि तालिबानी बदलते रहते हैं और इसी वजह से उनकी ट्रेनिंग नहीं हो सकी है। हमारा महिलाओं से आग्रह है कि वे डरें नहीं। हम चाहते हैं कि वे काम करें, लेकिन इसके पहले हालात सामान्य हो जाने दीजिए, ताकि वे सुरक्षित होकर अपने काम पर जा सकें। जब सब ठीक हो जाएगा तो हम खुद उन्हें काम करने की मंजूरी देंगे।"

 

अफगानिस्तान पर कब्जे के दौरान क्या बोला था तालिबान?

बता दें कि तालिबान कब्जे के दौरान ऐसे संकेत दिए ती वो पिछली बार की तरह नहीं करेगा। यानी इस बार तालिबान महिलाओं के लिए अपनाएंगे। इसके साथ ही महिलाओंको कामकाज करने और शिक्षा के लिए छूट दी जाने की बात कही थी। लेकिन कुछ ही दिनों ने तालिबान का असली चेहरा सामने आ गया। तालिबान के प्रवक्ता खुद महिलाओं को घर में रहने का आदेश दे रहा है।

 

 

 

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