सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक के हिजाब विवाद पर चल रही बहस का विश्लेषण, माला दीक्षित और नीलू रंजन के साथ

Publish Date: 20 Sep, 2022 |
 

हिजाब प्रतिबंध मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया था। इस मामले में शीर्ष अदालत ने सुनवाई के लिए पांच सितंबर की तारीख तय की थी। विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जो स्कूलों और कॉलेजों में ड्रेस के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश देता है। 

कर्नाटक में हिजाब पर विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब उडुपी के एक सरकारी स्कूल में कुछ छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षा में जाने पर रोक लगा दी गई थी। इसे लेकर देश के कई हिस्सों में काफी प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान आठ फरवरी को मांड्या में पीईएस कॉलेज के अंदर छात्रों ने भी प्रवेश किया था और नारेबाजी की थी। इसके बाद यह विवाद और बढ़ गया। जय श्री राम के नारे लगाती भीड़ के सामने 19 साल की मुस्कान खान ने अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए थे।

इसके बाद मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा और हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि हिजाब इस्लाम धर्म का अभिन्न अंग नहीं है, इसलिए राज्य सरकार को इसे स्कूलों के अंदर यूनिफॉर्म का हिस्सा बनाने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। 

 

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