BCCI: Pant की आड़ में Samson के साथ की गई बहुत नाइंसाफी, आंकड़ों का बड़ा अंतर देता है गवाही

Publish Date: 30 Nov, 2022
BCCI: Pant की आड़ में Samson के साथ की गई बहुत नाइंसाफी, आंकड़ों का बड़ा अंतर देता है गवाही
Samson Vs Pant: आपने एक कहावत तो जरूर ही सुनी होगी कि भगवान जब भी देता है, तो छप्पर फाड़ के देता है। ऐसा ही कुछ नजारा भारतीय टीम के बल्लेबाज ऋषभ पंत के साथ देखने को मिल रहा है। जिनके ऊपर बीसीसीआई कितना मेहरबान है, यह इन दिनों देखने को मिल रहा है। दरअसल, पंत पिछले कुछ महीनों से लगातार खराब फॉर्म से गुजर रहे है। इसके बावजूद टीम में पंत की जगह किसी और खिलाड़ी को मौका देने को लेकर बीसीसीआई की तरफ से कोई इरादा नहीं लग रहा। 

पंत की खराब फॉर्म के बावजूद टीम में जगह बरकरार 

यह बात दरअसल इस वजह से कही जा रही है, क्योंकि इस साल दो बड़े टूर्नामेंट खेले गए, जिसमे एशिया कप 2022 और टी20 वर्ल्ड कप का नाम शामिल है। इन दोनों ही टूर्नामेंट में भारत की शर्मनाक हार हुई, तो पंत का रन बनाने से जूझने का सफर यूहीं चलता रहा। तो इसके बाद खेली जा रही न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भी पंत को सभी मैचों में मौका दिया गया। हालांकि, पंत का बल्ला कुछ इस कदर खामोश रहा कि वे इन मैचों में 50 रन का आंकड़ा भी नहीं छु पाएं। 3T20 मैचों में पंत ने सिर्फ 17 रन बनाएं, तो वनडे सीरीज में भी पंत ने सिर्फ 31 रन बनाए। 

संजू को बार-बार दिखाया जाता रहा है बाहर का रास्ता 

दूसरी तरफ, पंत की वजह से टीम में जगह न बनाने वाले संजू सैमसन को सबसे पहले एशिया कप 2022 और टी20 वर्ल्ड कप से बाहर किया गया, तो अब न्यूजीलैंड के खिलाफ भी उन्हें मौका नहीं दिया गया। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि संजू को इन 6 मैचों में से सिर्फ एक ही मैच में खेलने का मौका मिला और इसी मैच में उन्होंने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 36 रनों की जबरदस्त पारी खेली। हालांकि, इसके बावजूद सैमसन को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। 

दोनों खिलाड़ियों को कुल इतनी बार दिए मौके 

दोनों खिलाड़ियों के आंकड़ों की बात करें तो पता चलता है कि टीम मैनेजमेंट की तरफ से संजू सैमसन के साथ इस साल कितनी नाइंसाफी की गई है। दरअसल, पंत ने इस साल भारत के लिए कुल 25 टी20 मैच खेले, जिसमे वे 21 की औसत से सिर्फ 364 रन ही बना पाए। जबकि सैमसन को सिर्फ 6 ही मैच खेलने को मिले, जिसमे उन्होंने 44.75 की औसत से 179 रन बनाए।

दूसरी तरफ, वनडे फॉर्मेट में भी पंत ने सैमसन से एक मैच ज्यादा खेला। इसके बावजूद स्ट्राइक रेट और औसत के मामले में संजू, पंत से बहुत आगे है। ध्यान देने वाली बात तो यह है कि पंत ने इन मैचों में कुछ मैच बतौर ओपनर भी खेले, जबकि सैमसन को हमेशा से ही छठे या पांचवें क्रम पर उतारा गया। 

पंत के साथ इन खिलाड़ियों को भी दी गई संजू पर प्राथमिकता 

ऋषभ पंत की तरह ही संजू सैमसन भी एक विकेटकीपर बल्लेबाज है। इसके बावजूद सैमसन को टीम में मौका देने की बजाय टीम मैनेजमेंट में ईशान किशन, केएल राहुल और दिनेश कार्तिक को कई मौके दिये। हालांकि, सैमसन की काबिलियत और उनके आंकड़ों को नजरअंदाज करके बाकी बल्लेबाजों को प्राथमिकता दी। जिसका असर यह हुआ कि टीम इंडिया को अपने दोनों टूर्नामेंट में करारी हार का सामना करना पड़ा।

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