Jammu and Kashmir: संबित पात्रा का राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- जम्मू-कश्मीर की समस्याओं के लिए गांधी परिवार ही जिम्मेदार

Publish Date: 13 Sep, 2021 |
 

 

Jammu and Kashmir: कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने जम्मू- कश्मीर के दो दिवसीय दौरे के दौरान बीजेपी और आरएसएस निशाना साधते हुए भाईचारे की भावना को तोड़ने का आरोप लगाया था। इस दौरे के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने मिली-जुली संस्कृति को तोड़ने कोशिश की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस जगह से उनका पुराना रिश्ता है और वो जब भी जम्मू कश्मीर से आते हैं, यहां उन्हें अपने घर जैसा महसूस होता है।

BJP का Rahul Gandhi पर पलटवार

अब इस पर बीजेपी के नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्हों कहा कि जम्मू और कश्मीर के लोगों जो भी दिक्कतें हैं, उनका ज़िम्मेदार भी राहुल गांधी का परिवार ही है। संबित पात्रा ने कहा, अनुच्‍छेद 370 को हटाने के लिये जब अमित शाह खड़े हुए तो सोनिया गांधी के इशारे पर अधीर रंजन चौधरी कहते हैं यह बाइलेटरल है और इसके लिए क्या पाकिस्तान से पूछा गया। आज कश्मीर में भेदभाव खत्म हो रहा है और विकास के पथ पर देश बढ़ रहा है।

संबित पात्राने आगे कहा, मां वैष्णव देवी के स्थान को हम पिंडिया कहते हैं और राहुल गांधी इसे सिम्बल कहते हैं। वह हमारी भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। मोदी जी के आने के बाद मां की शक्ति कम होने की बात कर रहे हैं। जीएसटी की तुलना लक्ष्मी मां से क्यों कर रहे हैं, आप पहले गब्बर सिंह से इसकी तुलना करते हैं। मां की शक्ति क्षीण नहीं होती है। किसान ने मां के सामने कहा कि किसानों को फ़ायदा हो रहा है। मोदी जी के आने के बाद मां भारती की शक्ति बढ़ी है। शिव जी, वाहे गुरु का हाथ, कांग्रेस का हाथ कहना उनकी अपरिपक्वता को दर्शाता है। जबकि दिग्विजय सिंह पाकिस्तान के प्रवक्ता के तौर पर ही बोलते है।

Rahul Gandhi ने क्या कहा था?

राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा, “मैं और मेरा परिवार भी कश्मीरी पंडित है और हम झूठ नहीं बोलते हैं। मैं अपने कश्मीरी भाई और बहनों की समस्या सुलझाऊंगा। जब भी मैं जम्मू-कश्मीर आता हूंऐसा लगता है जैसे घर आया हूं। मेरे परिवार का जम्मू-कश्मीर से लंबा रिश्ता है।” राहुल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “लोग कहते हैं कि हाथ चिह्न का मतलब आर्शीवाद होता है,इसका मतलब आर्शीवाद नहीं होता है जबकि इसका मतलब डरो मत होता हैसत्य बोलने से डरो मत इसलिए ये चिह्न कांग्रेस पार्टी का चिह्न है और बीजेपी सच्चाई से डरती हैं। बीजेपी डर है।

 

 

 

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