World Hindi Day 2023: जानें विश्व हिंदी दिवस से जुड़ी कुछ रोचक बातें

Publish Date: 09 Jan, 2023
World Hindi Day 2023: जानें विश्व हिंदी दिवस से जुड़ी कुछ रोचक बातें
World Hindi Day 2023: हिंदी भाषा का इतिहास 1000 साल पुराना है। यूं तो सभी भाषाओं की जनक संस्कृत है और हिंदी में भी संस्कृत के कई जटिल शब्दों को सरल तरीके से लिखा गया है। हिंदी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। कहा जाता है कि मध्ययुगीन भारत के अवधी, मागधी, अर्धमागधी तथा मारवाड़ी, जैसे साहित्य को हिंदी का आरम्भिक साहित्य माना जाता है।

हिंदी का जन्म

ये तो सभी जानते हैं कि संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है। इसे आर्य भाषा या देवभाषा भी कहा जाता है। हिंदी इसी आर्य भाषा की उत्तराधिकारिणी है। ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि हिंदी का जन्म संस्कृत की कोख से हुआ है।

हिंदी भाषा क्यों ज़रुरी है?

हिंदी भाषा बहुत सरल और सहज होने के साथ साथ विश्व की सबसे वैज्ञानिक भाषा है। यहां तक की इसमें विश्व भाषा बनने के सभी गुण मौजूद है। कहा जाता है कि भाषा का विकास ही मानव का विकास है। इसलिए हम हिंदी भाषा की सफलता से इस बात का अंदाज़ा लगा सकते है कि भारत ने भी विश्व स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

हिंदी भाषा को अपनाने वाले देश


हिंदी भाषा का कई देशों ने दिल खोलकर स्वागत किया हैै जिसमें नेपाल, मॉरिशस, फिजी, गयाना जैसे देश शामिल है। इसके अलावा सिंगापुर, कनाडा, अमेरीका, और जर्मनी में भी हिंदी भाषी प्रेमी देखने को मिलेंगे। न्यूज़ीलैंड में तो हिंदी सर्वाधिक बोली जाने वाली चौथी भाषा है। इसे दुनिया के लगभग 26 करोड़ लोगों द्वारा बोला जाता है। इसके अलावा दुनिया भर के देशों में हिंदी बोलने, पढ़ने, लिखने का चलन भी बढ़ रहा है जिसमें भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका शामिल है।

कुछ ऐसे देश भी है जो भारत की संस्कृति से प्रभावित होकर हिंदी को आगे बढ़ा रहे है जिसमें इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, चीन, कोरिया तथा जापान है। इसके अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोप में हिंदी को आधुनिक भाषा के रुप में पढ़ाया जाता है। कई अरब और इस्लामी देशों में भी हिंदी को पढ़ाया जाता है इनमें प्रमुख देश है संयुक्त अरब अमीरात, उजबेकिस्तान, कज़ाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कतर, मिस्र आदि

भारत में हिंदी की स्थिति

हिंदी भाषा को भारत संघ की राजभाषा होने के साथ साथ ग्यारह राज्यों और तीन संघ शासित क्षेत्रों की भी प्रमुख राजभाषा होने का सम्मान मिला है। जहां एक और हिंदी को भारत की राजभाषा होने का सम्मान प्राप्त है और दूसरी तरफ दुनिया के कई देश हिंदी को बोलना, लिखना और समझना सम्मान की बात समझते है वहीं भारत में हिंदी की स्थिति विवादास्पद है।

भारत का एक वर्ग हिंदी भाषा को बोलने में झिझक महसूस करता है। लेकिन हिंदी भाषा की प्रसिद्धि का अंदाज़ा हम इस बात से लगा सकते है कि 10 जनवरी को हम विश्व हिंदी दिवस के रुप में मनाते है। आपको बता दें कि राजभाषा विभाग के निजी सचिव राकेश शर्मा के एक लेख के अनुसार विश्व हिंदी दिवस 180 देशों में मनाया जाता है।

Related Videos

यह भी पढ़ें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept