Navratri 2022 4th Day: मां कुष्मांडा को समर्पित ही चौथा नवरात्र, इस दिन के महत्व और कथा के बारे में जानिए

Publish Date: 30 Sep, 2022
Jagran Tv Navratri 2022 4th Day: मां कुष्मांडा को समर्पित ही चौथा नवरात्र, इस दिन के महत्व और कथा के बारे में जानिए

Navratri 2022 4th Day, Maa kushmanda Vrat Katha In Hindi: आश्विन मास की प्रतिपदा तिथि के साथ देशभर में मां दुर्गा के पावन पर्व नवरात्रि की भी शुरुआत हो चुकी है और भक्त इस पावन पर्व को बड़ी ही धूमधाम और श्रद्धाभाव से मनाते हुए देखे जा सकते है। इन दिनों माता की प्रतिमा के आगे अखंड ज्योत जलाए हुए भक्त मां दुर्गा की पूजा, उपासना कर रहे है। 

वहीं, देशभर के मंदिरों में माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। भक्त माता के भजन पर झूमते हुए इस पावन पर्व पर पूरी तरह से भक्ति के रंग में रंगे  हुए भी दिख रहे है। इसके साथ ही शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही बाजारों में भी रौनक लौट आई है। रंग-बिरंगे कपड़ों से लेकर नए-नए सामान और लाइट व्यवस्था से यह रौनक और भी ज्यादा बढ़ गयी है। 

मां कुष्मांडा को समर्पित ही चौथा नवरात्र

शारदीय नवरात्रि के तीन नवरात्र पूरे हो जाने के बाद आज (29 सितंबर) को इस नवरात्र का चौथा दिन है। यह नवरात्र मां कुष्मांडा को समर्पित है अर्थात इस दिन मां कुष्मांडा की पूजा होती है। कुष्मांडा एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है कुम्हड़ा। जिसके चलते माना जाता है कि माता को प्रसन्न करने के लिए कुम्हड़ा की बलि देना सबसे शुभकारी होता है।

मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं होती है। जिस कारण उन्हें अष्ठभुजा के नाम से भी जाना जाता है। मां की आठ भुजाओं में क्रमशः धनुष, बाण, कमंडल, कमल, अमृत पूर्ण कलश, चक्र, गदा और सभी सिद्धियों को देने वाली जपमाला है। 

इस रंग के वस्त्रों को पहनना माना जाता है शुभ 

मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा की पूजा करने से भक्तों को हर तरह के कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। इसके साथ ही सुख-समृद्धि की भी प्राप्ति होती है। आज के दिन जातक का पीत यानी पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ बताया गया है। 

मां कुष्मांडा व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, जब सृष्टि का अस्तित्व भी नहीं था तब चारो तरफ सिर्फ अंधकार ही था। उस समय माँ कुष्मांडा ने अपने मंद हास्य से सृष्टि की उत्पत्ति की थी। कुष्मांडा माँ के पास इतनी शक्ति है की वो सूरज के घेरे में भी रह सकती है, क्योंकि उनके पास ऐसी शक्ति है जो असा गरमी को भी सहन करती है। इसलिए मां कुष्मांडा की पूजा से जीवन में सभी प्रकार की शक्ति और ऊर्जा प्राप्त होती है। 

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