Pitra Paksha 2022: पितृ पक्ष में कौओं को क्यों खिलाया जाता है भोजन? जानिए इस वीडियो में

Publish Date: 12 Sep, 2022 |
 
Pitra Paksha 2022: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का काफी खास महत्व होता है। पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इस दौरान पितरों की तिथि के अनुसार उनका तर्पण किया जाता है और उनका मनपसंद खाना भी बनाया जाता है। पितृ पक्ष के दौरान ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है और दान दिया जाता है। इस दौरान लोग पितरों के नाम पर कौओं को भोजन कराते है। 

कौए को भोजन कराना माना जाता है शुभ 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष की अवधि में पूर्वज कौए के रूप में धरती पर विचरण करते हैं और अपने पूर्वजों से मिलने आते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रों में इस बात का वर्णन मिलता है कि देवताओं के साथ-साथ कौए ने भी अमृत चख लिया था। जिसके बाद यह मान्यता प्रचलित है कि इस पक्षी की मृत्यु कभी भी प्राकृतिक रूप से नहीं होती है।

यमराज का संदेश वाहक होता है कौवा

वहीं, गरुड़ पुराण के अनुसार कौवा यमराज का संदेश वाहक है। ऐसे में माना जाता है कि कौए को भविष्य में होने वाली घटनाओं का थोड़ा-थोड़ा आभास हो जाता है। साथ ही कौआ बिना थके लम्बी यात्रा तय कर सकता है और इसे अतिथि के आगमन का सूचक भी माना जाता है।

इन्हीं विशेष कारणों की वजह से किसी की भी आत्मा कौए के शरीर में वास कर के विचरण कर सकती है और यही कारण है कि पितृपक्ष में कौओं को भोजन कराया जाता है।  इसके अलावा ऐसी भी मान्यता है कि कौवे को निवाला दिए बिना पितृ संतुष्ट नहीं होते।

 

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