Pant, Karthik और kishan से काफी आगे Sanju Samson, फिर भी नहीं मिल रहा मौका, देखें ये आंकड़े

Publish Date: 23 Nov, 2022
Pant, Karthik और kishan से काफी आगे Sanju Samson, फिर भी नहीं मिल रहा मौका, देखें ये आंकड़े
Team India: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई तीन टी20 मैच की सीरीज पर भारत ने 1-0 से कब्जा करते हुए सीरीज को अपने नाम किया। इस सीरीज में शानदार जीत दर्ज कर लेने के बाद अब टीम का अगला पड़ाव तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज को जीतने को लेकर होगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुक्रवार (25 नवंबर) से यह 3 मैचों की एकदिवसीय सीरीज शुरू होगी। ऐसे में दोनों ही टीमें इस सीरीज को जीतने के लिए कड़ा संघर्ष करते हुए दिखाई देगी। 

ऋषभ पंत और ईशान किशन ने किया निराश 

वहीं, इस सीरीज में भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत और ईशान किशन को बड़ी ही उम्मीदों के साथ ओपनिंग करने के लिए लिए उतारा गया। लेकिन यह जोड़ी न केवल रन बनाने में नाकाम रही, बल्कि टीम को अच्छी और तेज शुरुआत देने में भी पूरी तरह से विफल रही।

जहां एकतरफ पंत ने इस सीरीज में 94 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 17 रन बनाए, तो किशन भी 111 की स्ट्राइक रेट से सिर्फ 47 रन ही बना सके। ऐसे में सवाल उठता है कि इन दोनों विकेटकीपर बल्लेबाजो के साथ ही जब संजू सैमसन को भी टीम में शामिल किया गया है, तो उन्हें प्लेइंग-11 में जगह क्यों नहीं दी जाती। 

सबसे सफल विकेटकीपर बल्लेबाज रहे है सैमसन

एशिया कप से ही कई मौकों पर ऋषभ पंत, दिनेश कार्तिक और ईशान किशन के विफल रहने के बावजूद भी सभी विकेटकीपर बल्लेबाजों को सैमसन पर प्राथमिकता दी जा रही है। जिसके चलते फैंस टीम मैनेजमेंट के इस फैसले पर सवाल उठना लाजिमी है। इसकि एक वजह उन सभी खिलाड़ियों के आंकड़े भी है। दरअसल, आंकड़े गवाही देते है कि सैमसन, इन सभी खिलाड़ियों की तुलना में काफी आगे है।

आंकड़ों में सबसे आगे है सैमसन

इस साल खेले गए T20 इंटरनेशनल मैचों में पंत ने कुल 25 मैच खेलते हुए 21 की औसत से 364 रन बनाए। तो किशन ने 16 मैचों में 29.75 की औसत से 476 रन बनाए। जबकि दिनेश कार्तिक 20 मैचों में 20.50 की औसत से सिर्फ 287 रन ही बनाए सके। दूसरी तरफ, इन सभी बल्लेबाजों की तुलना में संजू सैमसन को सिर्फ 6 ही मैच खेलने का मौका मिला, जिसमे उन्होंने 44.75 की औसत से 179 रन बनाए। इतना ही नहीं, इस दौरान सैमसन का स्ट्राइक रेट 158 के पार रहा। जबकि बाकी बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 130 के आस-पास ही है। 

शानदार प्रदर्शन के बाद भी सबसे कम मौके

आंकड़े स्पष्ट करते है कि पंत के इन शानदार आंकड़ों के बाद भी उन्हें टीम में सबसे कम मौका दिया गया। इतना ही नहीं, टीम को मैच जिताने के बाद भी विफल होने वाले बल्लेबाजों को दो बड़े टूर्नामेंट में खिलाया गया। जिसका नतीजा यह रहा कि टीम इंडिया को दोनों ही टूर्नामेंट में हार का सामना करना पड़ा। 

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