UP Election 2022: Sitapur की सदर विधानसभा सीट पर महंगाई और विकास बना मुद्दा

Publish Date: 24 Jan, 2022 |
 

UP Election 2022: Sitapur Sadar के चुनावी मुद्दे

उत्तर प्रदेश में चौथे चरण की वोटिंग 23 फरबरी को होगी। उनमें सीतापुर की सदर विधानसभा सीट चर्चा का विषय बनी हुई है।सीतापुर जिले में कुल नौ विधानसभा सीटें हैं। जिसमें बीजेपी 2017 के चुनाव में सात सीटें जीती थीं. सपा और बसपा एक-एक सीट पर सिमट गए थे.
इस सीट पर 3,95,416 मतदाता है। जिनमें 2,09,055पुरुष, 1,86,331 महिला तो वहीं 30 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। 
जनता की राय-
चुनाव को लेकर यहाँ के लोग उत्साहित हैं। लेकिन मौजूदा सरकार को लेकर लोगों की राय बटी हुई है। लोगों को वार्तमान सरकार से बेरोजगारी, खेती, आवारा पशु, महंगाई जैसे मुद्दों पर शिकायत भी है। तो कुछ लोग विकास के नाम पर वोट देने की बात कर रहे हैं। 
 
सीतापुर सदर, राजनीतिक परिदृश्य-
2017 में भाजपा के राकेश राठौर सपा के राधे श्याम जयसवाल को हराकर विधायक बने। 1980 , 1985,1989,1991,1993 में भाजपा के विधायक बने। 1996,2002,2007,2012 में सपा के विधायक बने।
सीतापुर जिले के जातिगत और राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो मुस्लिम, कुर्मी, दलित और ब्राह्मण वर्ग के मतदाताओं की हर चुनाव में निर्णायक भूमिका रही है. सीतापुर जिले में कभी कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व रहा. 2007 के चुनाव में जिले की नौ में से पांच सीटों पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार जीते थे. बीते 25 साल से जिले की राजनीति कभी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) तो कभी समाजवादी पार्टी (सपा) के पक्ष में झुकी नजर आती है. 2019 में चारो संसदीय सीटों पर और नौ में से सात विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है.
 

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