Uttar Pradesh Assembly Elections 2022: फतेहपुर सीकरी का सियासी संग्राम

Publish Date: 27 Jan, 2022 |
 

UP Election 2022: Fatehpur सीकरी में कभी नही चली Akhilesh की साइकिल:

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले और फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र में आने वाली फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट अपने आप में खास है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के चौधरी उदयभान सिंह विधायक बने तो वहीं 2012 के चुनाव में सूरजपाल सिंह बसपा से विधायक बने थे। 
इस सीट पर आजतक सपा को जीत हासिल नही हुई है। 

2017,2012 चुनाव परिणाम:

2017 में कुल 229,371 वोट पड़े जोकि कुल वोटरों का 67.81 प्रतिशत था। 
2017 में बीजेपी से चौधरी उदयभान सिंह ने बसपा प्रत्याशी सूरजपाल सिंह को 52,337 वोटों के मार्जिन से हराया था.भाजपा को 47.34 प्रतिशत के साथ 108,586 वोट मिले थे। वहीं बसपा उम्मीदवार को 24.52 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 56249 वोट मिले थे। तीसरे नम्बर पर सपा से लाल सिंह को 21,884 वोट ही मिले थे। 
2012 में इस सीट पर हुए चुनाव में जीती बसपा से सूरजपाल सिंह को 67,191 वोट(33%) मिले थे। दूसरे नम्बर पर रही आईएनडी के राजकुमार चाहर को 30% वोट यानी 61,568 वोट ही मिले थे । 

2022 में सीट बटवारा:

भाजपा ने फतेहपुर सीकरी से चौधरी बाबूलाल को भाजपा प्रत्याशी बनाया है। यहां से निवर्तमान विधायक चौधरी उदयभान सिंह का टिकट कट गया है। वह यूपी सरकार में राज्यमंत्री हैं। वहीं चौधरी बाबूलाल फतेहपुर सीकरी से सांसद रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उनका टिकट कट गया था। भाजपा ने अब उनको विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारा है। 
सपा रालोद गठबंधन ने ब्रजेश चहर (RLD) को टिकट दिया है। 
बसपा ने इस सीट पर डॉ मुकेश कुमार राजपूत को अपना प्रत्याशी बनाया है। 
कांग्रेस ने फतेहपुर सीकरी सीट पर युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हेमंत चाहर को चुनाव मैदान में उतारा है। 

मतदाता समीकरण:

कुल मतदाता - 3,55998
पुरुष 1,91,963 
महिला 1,64,030

फतेहपुर सीकरी विधानसभा की खासियत:

यहाँ से अब तक सपा का कोई भी उम्मीदवार जीत नहीं हासिल कर सका है। जाट बाहुल्य इस सीट से 1977 से 2002 तक जाट उम्मीदवार ही विधानसभा पहुंचे.फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट के लिए पहली दफे 1957 में चुनाव हुए थे और तब इस सीट से प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के स्वामी विश्व वर्धन चुनाव जीते थे. 1962 में कांग्रेस की चम्पावती, 1967 में भारतीय जनसंघ के आर सिंह, 1969 में भारतीय क्रांति दल के रघुनाथ सिंह, 1974 में फिर कांग्रेस की चम्पावती, 1977 और 1980 में जनता पार्टी के बदन सिंह विधायक निर्वाचित हुए.फतेहपुर विधानसभा सीट से बदन सिंह 1985 में लोक दल और 1989 में जनता दल के टिकट पर भी विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. 1991 में बीजेपी के उम्मेद सिंह, 1996 में निर्दलीय और 2002 में लोक दल के टिकट पर चौधरी बाबूलाल, 2007 में अपना दल और 2012 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर सूरज पाल सिंह विधायक बने.

आमजन की समस्याएं:

फतेहपुर सीकरी की सबसे बड़ी समस्या पानी है। कहीं जल भराव की समस्या है तो कहीं पीने योग्य पानी नही है। कोरोना काल में बंद पड़े उद्योग धंधों से बेरोजगारी बढ़ गयी है। तो वही पर्यटन उद्योग भी ठप्प पड़ा है।
 

Related videos

यह भी पढ़ें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept