UPSC Result 2020 Topper: बिहार के शुभम कुमार बने आईएएस टॉपर, जानें उनके सफलता की कहानी

Publish Date: 25 Sep, 2021 |
 

 

UPSC Result 2020 Topper: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) नेसितंबर 2021 को सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2020 के परिणाम (UPSC Civil Services result 2020) घोषित कर दिया। इस साल सिविल सेवा परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवार सफल हुए हैं। बिहार के रहने वाले शुभम कुमार ने सिविल सर्विसेज मेन एग्जाम 2020 में टॉप किया है। वहीं दूसरे स्थान पर जागृति अवस्थी रहीं और जैन ने तीसरा स्थान हासिल किया है।

शुभम कुमार बने आईएएस टॉपर

कटिहार जिले के निवासी शुभम कुमार मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि देश के पिछड़े लोगो की सेवा करने का उनका सपना था जो अब सच होने जा रहा है। 24 साल के शुभम का सिविल सेवा परीक्षा में तीसरा प्रयास था। इससे पहले उन्होंने 2018 और 2019 में भी कोशिश की थी। शुभम कटिहार कदवा प्रखंड के कुम्हडी गांव के रहने वाले हैं। वह ग्रामीण बैंक मैनेजर देवानंद सिंह के पुत्र हैं। पिछले प्रतियोगिता शुभम कुमार ने 290 रैंक हासिल की थी। और इस बार उन्होंने टॉप कर अपने जिले का नाम रोशन कर दिया।

सीएम नीतीश कुमार ने भी दी बधाई

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुभम कुमार को उनकी सफलता के लिए बधाई दी और कहा कि उन्होंने न केवल अपने गृह जिले को बल्कि पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है। कटिहार से आने वाले उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने शुभम के माता-पिता से बात की और शुभम को उनके गांव कुम्हारी में सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। टॉपर शुभम ने एक ट्वीट कर अपने सभी शुभचिंतकों और ग्रामीणों को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया है।

कड़वा के कुम्हारी गांव के देवनाद सिंह और पूनम देवी के बेटे शुभम ने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने पैतृक गांव कुम्हारी में शुरू की थी और बाद में पूर्णिया के परोरा के विद्या विहार आवासीय विद्यालय में दाखिला लिया और अपनी पढ़ाई पूरी की। बाद में वे झारखंड के चिन्मय विद्यालय बोकारो गए और 2014 में बारहवीं की पढ़ाई की। उन्होंने 219वीं रैंक के साथ IIT पास किया और IIT बॉम्बे में प्रवेश लिया और B.Tech में उत्तीर्ण हुए। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में नृविज्ञान को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुना।

शुभम की सफलता पर क्या बोले पिता?

इस सफलता पर शुभम के पिता ने कहा, "उनका उद्देश्य शुरू से ही आईएएस को क्लियर करना था और इसलिए उन्होंने कभी हार नहीं मानी और 290 वीं रैंक के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखी और आज उन्होंने हम सभी को गौरवान्वित किया है। मेरे बेटे के माध्यम से खबर मिली जिसने मुझे परिणाम के बारे में सूचित करने के लिए दिल्ली से फोन किया।

 

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