बर्फ पानी की सतह पर क्यों फ्लोट करती है?- Watch Video

Publish Date: 06 Nov, 2020 |
 

आपने कभी सोचा है कि कोई भी ठोस पदार्थ किसी भी तरल पदार्थ पर  तैरता क्यों है. आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। जब कोई भी वस्तु तैरती है, ये निर्भर करता है उसके घनत्व पर. इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है और वह है आर्किमिडीज का सिद्धांत. आर्किमिडीज के सिद्धांत में कहा गया है कि किसी भी वस्तु को पानी पर तैरने के लिए, वस्तु के वजन के बराबर पानी की मात्रा को विस्थापित करना होता है. ये हम सब जानते है कि solid material में liquid material की तुलना में अधिक density होता हैं. ठोस वस्तु में अणु एक-दूसरे के साथ अधिक पास  बंधे होते हैं, जिसकी वजह से ये कठोर होते है और उनमें वजन भी अधिक होता है.

 

अकसर जब कोई भी liquid material, solid material में बदलता है तो उसका volume घट जाता है और वह भारी हो जाता है. बर्फ पानी पर इसलिए तैरती है क्योंकि बर्फ का density पानी से कम होता है. आम भाषा में हम यह कह सकते हैं कि बर्फ पानी पर तैरती है क्योंकि यह पानी की तुलना में हल्की होती है या फिर जमने के बाद बर्फ ज्यादा जगह घेरती है, जिस कारण बर्फ का density पानी के density से कम हो जाता है और इसी वजह है बर्फ पानी पर तैरने लगती है. पानी में hydrogen bonding के कारण बाकी पदार्थों से यह अलग होता है. पानी के अणु दो हाइड्रोजन जो कि पॉजिटिवली चार्ज होता है और एक ऑक्सीजन जो कि नेगेटिवली चार्ज होता है के साथ हाइड्रोजन बांड के द्वारा जुड़े हुए होते है. पानी 4C से नीचे ठंडा होता है और यह एक क्रिस्टल जाली का उत्पादन करता है, जिसे 'बर्फ' (ice) कहा जाता है.

 

इसमें 9% कम density होता है तरल पानी से. दूसरे शब्दों में, बर्फ पानी से 9% अधिक जगह लेती है, इसलिए एक लीटर बर्फ का वजन एक लीटर पानी से कम होता  है. पानी बर्फ से भारी होने के कारण बर्फ को अवस्थित कर देता है, जिसके कारण बर्फ पानी पर तैरने लगता है.



 

 

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