5g technology in india launch: 1G से 5G तक Mobile Technology का सफ़र, जानें क्या है 1G, 2G, 3G, 4G & 5G Technology- Watch Video

Publish Date: 01 Aug, 2020
 
5g technology in india launch: आज के इस वीडियो में हम आपको अब तक Network टेक्नोलॉजी में हुए बदलाव ओर उसकी Generation के बारे में बताएंगे, जिन्हें हम 1G, 2G, 3G, 4G ओर 5G के नाम से जाना जाता है। सबसे पहले बात करते हैं 1जी नेटवर्क की। यह मोबाइल नेटवर्क की सबसे पहली पीढ़ी थी। इसकी शुरूआत 1981 में हुई। 1जी नेटवर्क के माध्यम से केवल वॉयस कॉलिंग और मैसेजिंग का ही उपयोग होता था और यह सर्विस कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही उपलब्ध थी। 1G टेक्नोलॉजी में Data की ट्रेवलिंग स्पीड 2.4 Kbps थी। इस तकनीक की कुछ कमियां थी, जैसे कि - तब इसमें रोमिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं था, ओर दूसरी कमी इस नेटवर्क पर आवाज स्पष्ट नहीं सुनाई देती थी, यानी आवाज की क्वालिटी काफी खराब थी, साथ ही ये नेटवर्क उस वक़्त के भारी मोबाइल हैंडसेट की बैटरी को भी बहुत ज्यादा खपत करता था। वहीं यह एनालॉग सिग्नल पर आधारित तकनीक थी और तकनीक पर चलने वाले हैंडसेंट काफी भारी हुआ करते थे। अब बात करते हैं 2जी नेटवर्क की। मोबाइल नेटवर्क की दूसरी पीढ़ी 2जी थी जो कि जीएसएम पर आधारित थी। 2जी की शुरूआत फिनलैंड में 1991 में हुई। इस तकनीक में पहली बार डिजिटल सिग्नल का उपयोग किया गया। इस तकनीक के माध्यम से फोन कॉल के अलावा पिक्चर मैसेज, टेक्स्ट मैसेज और मल्टीमीडिया मैसेज भेजे जाने लगे। इस तकनीक में काफी कम ऊर्जा की खपत होती है, ओर मोबाइल की बैटरी ज्यादा देर तक चलती है। 2G में Data ट्रेवलिंग की स्पीड 50,000 Bps तक हो सकती है। बात करते हैं 3जी नेटवर्क की मोबाइल नेटवर्क तकनीक तीसरी पीढ़ी 3जी ने वर्ष 2000 में दस्तक दी। इसमें डाटा की स्पीड बढ़कर 384केबीपीएस से 2एमबीपीएस के बीच हो गई। 3जी में वॉयस कॉल के साथ ही वीडियो कॉल का भी सुविधा उपलब्ध थी। वहीं इसमें फाइल ट्रांसफर, इंटरनेट, ऑनलाइन टीवी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, 3डी गेमिंग और ईमेल सेंड-रिसीव जैसे फीचर शामिल थे। 2G नेटवर्क के मुकाबले यह तकनीक ज्यादा Secure होती है, क्योंकि इसमें सारा डाटा Encrypted होता है। 3G में डाउनलोड स्पीड 21 Mbps ओर अपलोड स्पीड 5.7 Mbps होती है। अब बात करते हैं 4जी नेटवर्क की। 4जी तकनीक की शुरूआत साल 2007 में हुई लेकिन उस वक्त यह वाईमैक्स नेटवर्क पर टेस्ट किया गया था। वर्ष 2008 में 4जी की एलटीई तकनीक ने दस्तक दी भारत में भी 4जी एलटीई सेवा ही उपलब्ध है। 4जी मोबाइल तकनीक माध्यमम से 100MBPS से लेकर 1GBPS की गति से डाटा डाउनलोड और अपलोड किया जा सकता है। इस तकनीक में 2G और 3G के मुकाबले कुछ कमियां भी है, जैसे कि 4G तकनीक से युक्त मोबाइल की बैटरी कम चलती हैं। 4G तकनीक की नेटवर्क संरचना को तैयार करने में बहुत ही महंगे उपकरणों की जरुरत होती है, इसलिए ये एक महंगी तकनीक है और इसके कारण ही 4G युक्त मोबाइल भी महंगे होते हैं। अब आखिर में बात करते हैं 5जी नेटवर्क की। यह मोबाइल नेटवर्क की सबसे आधुनिक तकनीक है। साउथ कोरिया ने 5जी तकनीक की शुरुआत की है। यह वायरलैस वर्ल्ड वाइड वेव को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। यह पूरी तरह वायरलैस कम्यूनिकेशन है जिसमें लिमिटेशन लगभग न के बराबर है। 5G तकनीक को मोबाइल नेटवर्क की पांचवीं पीढ़ी कहा जाता है। इस तकनीक को WWWW/Wireless World Wide Web (मोबाइल इंटरनेट) को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 5G mobile phone wireless सेवा की 5th generation है. 5G की speed 4-5 gigabit/second होगी. 5G technology के बाद internet क़े users को Data की high density मिलने लगेगी और mobile की बैटरी भी कम खर्च होगी।
 

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