List of freedom fighters: जानिए महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी Madan Mohan Upadhyay की पूरी कहानी – Watch Video

Publish Date: 12 Aug, 2020
 
List of freedom fighters: हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के अलावा ऐसे बहुत से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। जिनके नाम इतिहास की किताबों के पन्नों से गायब हैं। या लोग इन लोगों के बारे में बहुत कम जानते हैं, ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों की याद में इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम आपको बताने वाले ऐसे ही स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी, जिन्होनें देश को आज़ाद करने के लिए अपना जीवन लगा दिया। The Unsung Heroes में आज हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी Madan Mohan Upadhyay की कहानी बताने जा रहे हैं। पंडित Madan Mohan Upadhyay का जन्म 25 दिसंबर 1861 को हुआ था। इनके पिता का नाम ब्रजनाथ और माता का नाम भूनादेवी था। चूँकि ये लोग मालवा के मूल निवासी थे, इसीलिए मालवीय कहलाए। एक पत्रकार, वकील, समाज-सुधारक, भारत के आजादी के आंदोलन के प्रमुख नेता रहें। साल 1909-10 आ साल 1918 में इनके भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे। Madan Mohan Upadhyay ने 16 साल की अवस्था में आजादी की लड़ाई में कूद पड़े और जेल गये इस कुमाऊं टाइगर को अंग्रजों ने काला पानी की भी सजा सुनाई। देश आजाद हुआ और मदन मोहन उपाध्याय चुनाव जीतकर न सिर्फ विधान सभा पहुंचे, विपक्ष के उप नेता भी चुने गये। राजनीतिज्ञ और शिक्षाविद ही नहीं, बल्कि एक बड़े समाज सुधारक भी थे। उन्होंने दलितों के मन्दिरों में प्रवेश निषेध की बुराई के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलन चलाया। 24 दिसम्बर, 2014 को भारत के President Pranab Mukherjee ने Pandit Madan Mohan Upadhyay को मरणोपरांत देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा। स्वतंत्रता सेनानियों Pandit Madan Mohan Upadhyay के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए हमारी ये खास Video..
 

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