MP Bhagwant Mann और Akhilesh Yadav ने कृषि बिल के विरोध में ये कहा – Watch Video

Publish Date: 18 Sep, 2020
 

लोकसभा द्वारा 17 सितंबर को पारित किए गए फार्म के बिलों को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए, समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि, इस बिल से फार्म हाउसों पर नियंत्रण पाने वाले कॉरपोरेट घरानों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ने आगे कहा कि, "ये बिल किसान विरोधी हैं और किसानों के खिलाफ एक साजिश है। इन कठिन समय में, किसानों ने हमारी अर्थव्यवस्था को बचाया लेकिन अब बड़े उद्योगपति खेती पर नज़र रख रहे हैं, जो किसानों को मजदूरों की तरह पेश करेंगे। अगर हम देश में कॉर्पोरेट खेती करते हैं तो इसका मतलब है कि उनके खेत होंगे। हार गए और वे अपनी पसंद की उपज की खेती नहीं कर पाएंगे” वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कहा कि इस बिल से मिनिमम सपोर्ट प्राइज खत्‍म हो जाएगा। वहीं उन्‍होंने यह भी कहा कि किसानों के लिए स्‍वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने की बात थी तो शांताकुमार की रिपोर्ट क्‍यों लागू की गई। आपको बता दें कि, नरेंद्र मोदी सरकार में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस बिल के विरोध में इस्तीफा दे दिय है। कौर ने एक ट्वीट में कहा, "मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है।" कौर ने आगे कहा, "हजारों किसान सड़कों पर हैं। मैं सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहती था कि किसानों की आशंकाओं को दूर किए बगैर सदन में बिल पास हो जाए। इसीलिए मैंने इस्तीफा दे दिया।" सांसद ने पीएम को संबोधित चार पन्नों के त्याग पत्र में लिखा, "मेरा फैसला मेरी पार्टी की दृष्टि, इसकी शानदार विरासत और किसानों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।" बादल ने कहा, "हम किसानों के साथ खड़े हैं और उनके लिए कुछ भी करेंगे। हमारी पार्टी द्वारा अगली कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए जल्द ही एक बैठक होगी।" इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

 

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