Amar Singh Passes Away: Amar Singh के राजनीतिक सफर की पूरी कहानी, इस तरह मिले थे Mulayam और Amar – Watch Video

Publish Date: 02 Aug, 2020
 
Amar Singh Passes Away: Amar Singh अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन उनकी ‘उमर कथा’ हमेशा हमारे बीच रहेगी। हिंदुस्तान की राजनीति में Amar Singh का नाम सिनेमा और सियासत में सेतु के तौर पर याद किया जाएगा। राजनीति में शायद ही ऐसा कोई हो जिनसे Amar Singh की मित्रता ना रही हो। PM Narendra Modi से लेकर Mulayam Singh Yadav तक, उनके दोस्त रहे, Mulayam Singh Yadav और Amar Singh की दोस्ती ने भारत की सियासत में अहम भूमिका निभाई है। Amar, Mulayam Singh के संपर्क में 90 के दशक में आए थे। उन्हें देश के नामचीन उद्योगपतियों में गिना जाता था। हालांकि, उनकी असल पहचान राजनीति के किंगमेकर के रूप में होती थी। मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी रहे अमर सिंह एक समय समाजवादी पार्टी की नंबर दो पोजिशन के नेता भी रहे। Amar की सियासत का रसूख यह था कि एक जमाने में उन्होंने Amitabh Bachchan की पत्नी Jaya Bachchan से लेकर तमाम बड़े चेहरों को समाजवादी पार्टी के झंडे के नीचे खड़ा करा लिया था। साल 1996 में Amar Singh और Mulayam Singh ह एक जहाज में मिले थे। उस मीटिंग के बाद से ही अमर और मुलायम की नजदीकियां बढ़ी थीं। अमर सिंह की सुब्रत राय सहारा और अनिल अंबानी से भी गहरी दोस्ती रही। राजनीतिक जानकार कहतें है कि साल 2000 के आसपास अमर सिंह का समाजवादी पार्टी में दखल बढ़ा और टिकटों के बंटवारे से लेकर पार्टी के कई बड़े फैसलों में उन्होंने मुलायम के साथ प्रमुख भूमिका निभाई। 2010 वो साल था जब Amar Singh सपा से दूर होते चले गए। दो दशक तक पूर्वांचल की सियासत में बड़ी भूमिका निभाने वाले अमर को जब साल 2010 में समाजवादी पार्टी से निष्कासित किया गया तो उन्होंने पू्र्वांचल को अलग राज्य घोषित करने की मांग के साथ अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोकमंच का गठन किया। इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video
 

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