Ballia Tej Bahadur Pal Murder Case: Ballia हत्याकांड पर Akhilesh Yadav और Mayawati का योगी सरकार पर तंज – Watch Video

Publish Date: 16 Oct, 2020
 

Ballia Tej Bahadur Pal Murder Case: यूपी के बलिया में बलिया मर्डर केस को लेकर राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोपी के सत्तारूढ़ दल के साथ पूछताछ की और कहा कि क्या एनकाउंटर की सरकार भी अपने लोगों की कार को पलटाती है। अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, बलिया में सत्ताधारी भाजपा के एक नेता के, एसडीएम और सीओ के सामने खुलेआम, एक युवक की हत्या कर फरार हो जाने से उप्र में कानून व्यवस्था का सच सामने आ गया है। अब देखें क्या एनकाउंटरवाली सरकार अपने लोगों की गाड़ी भी पलटाती है या नहीं। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। मायावती ने एक ट्वीट में कहा, "यूपी में बलिया की घटना बहुत चिंताजनक है और अभी भी उत्पीड़न आदि से यह स्पष्ट है कि यहां की कानून-व्यवस्था दम तोड़ चुकी है।" सरकार इस ओर ध्यान दे तो बेहतर होगा। बसपा की यह सलाह। आपको बता दें कि, बलिया के दुर्जनपुर बैरिया में दुकान के चयन के लिए एक खुली बैठक में मतदान के लिए एसडीएम और सीओ के सामने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दौरान ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे भी चले। जिसमें कई लोग घायल हो गए। बलिया के इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर एसडीएम, सीओ सहित सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देने के साथ ही उसने वहां मौजूद अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने का निर्देश दिया है। तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस को गांव में तैनात किया गया है। ग्राम सभा दुर्जनपुर और हनुमानगंज की दो कोटे की दुकानों के कोटे के लिए पंचायत भवन में बैठक बुलाई गई थी। भाजपा नेता धीरेंद्र सिंह पर हत्या का आरोप लगा है। मृतक के भाई तेज बहादुर पाल का आरोप है कि आरोपी धीरेंद्र को पकड़े जाने के बाद पुलिस ने भगा दिया। एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह, बीडीओ बैरिया गजेंद्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने का पुलिस बल मौजूद था। 4 स्वयं सहायता समूहों ने दुकानों के लिए आवेदन किया। दुर्जनपुर दुकान के लिए दो समूहों के बीच एक वोट रखने का फैसला लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि केवल उन लोगों के साथ किया जाएगा जिनके पास आधार या कोई अन्य पहचान पत्र नहीं है। एक पक्ष के पास कोई आईडी प्रूफ नहीं था। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया है। इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

 

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