Basant Panchami 2020: बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त और योग | Saraswati Puja Shubh Muhurat

Publish Date: 28 Jan, 2020
 

Basant Panchami 2020: माघ मास का Hindu Religion में काफी महत्व माना गया है। इस महीने में कई प्रमुख Festival पड़ते हैं जिनमें से एक है Basant Panchami । Maa Saraswati की कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन। Basant Panchami हर साल माघ मॉस शुक्ल की पंचमी को मनाया जाता है। लेकिन इस बार बसंत पंचमी की तिथि को लेकर के थोड़ी उलझन रही। तो आइए आपकी ये उलझन तो दूर करते ही हैं बसंत पंचमी का शुभ मुहरत . माघ मॉस शुक्ल की पंचमी की तिथि की शुरुआत 29 जनवरी को सुबह 10 :45 मिनट से हो रही है। और समापन 30 जनवरी को दोपहर 01:19 मिनट मिनट पर हो रहा है। देवी सरस्वती मूर्ति का विसर्जन का मुहरत है 31 जनवरी शाम 06:10 के बाद का । सरस्वती पूजा की विधि वसंत पंचमी के दिन प्रात:काल स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद पूजा स्थल पर मां सरस्वती की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें। फिर गणेश जी और नवग्रह की पूजा करें। इसके बाद मां सरस्वती की पूजा करेंगे। सबसे पहले उनका गंगा जल से स्नान कराएं, फिर उनको सफेद और पीले फूल तथा माला अर्पित करें। देवी को पीले रंग के फल चढ़ाएं और उनके चरणों में गुलाल अर्पित करें। उनको सिंदूर और श्रृंगार की वस्तुएं भी चढ़ाएं। फिर धूप, दीप और गंध से उनको सुशोभित करें। सरस्वती सफेद वस्त्र पहनती हैं, इसलिए उनको श्वेत वस्त्र अर्पित करें या पहनाएं। माता को सफेद रंग की मिठाई, खीर या मालपुए का भोग लगाएं। प्रसाद में पीले या केसरिया रंग के फलोंं और मिठाइयों को ग्रहण करें, इससे विशेष कृपा प्राप्त होगी। देवी सरस्वती मूर्ति विसर्जन के साथ इस पर्व का समापन होता है । मान्यता है माँ सरस्वती का धरती पर आगमन हुआ था। बसंत पंचमी को इनके जन्मउत्सव के रूप में भी मानते है।इनकी पूजा के साथ साथ कामदेव और देवी रति की भी पूजा की जाती है। साथ ही ऐसी दिन बसंत ऋतू की शुरुआत होती है। आज के दिन न्य काम करना काफी शुभ मन जाता है। उम्मीद करते है माँ सरस्वती की कृपा आप सभी पर बानी रहे।

 

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