BHU में Sanskrit के Muslim Professor Firoz Khan के पिता क्या चाहते हैं ? प्रदर्शनकारी छात्रों से की भावुक अपील

Publish Date: 21 Nov, 2019

BHU Sanskrit professor: बीएचयू (BHU) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय (sanskrit vidya dharma vigyan sankay bhu)के साहित्य विभाग (sahitya vibhag ) में जब से प्रोफेसर फिरोज खान (Muslim Professor Firoz Khan)की नियुक्ति हुई तब से उनका विरोध जारी है। प्रोफेसर फिरोज खान जयपुर (jaipur) के पास बागरू (Bagru, rajasthan) के रहने वाले हैं। इस मसले पर उनके पिता रमजान खान(Ramzan khan) की राय भी सामने आई है। उन्हों ने कहा कि जैसा उनके बेटे के साथ हुआ, यह वहां के छात्रों का पूर्वाग्रह बताता है। बतौर संस्कृत के छात्र उनको बात करनी चाहिए थी और गतिरोध को खत्म करना चाहिए था। इसी बीच प्रोफेसर फिरोज खान ने बनारस छोड़ दिया है। उनकी नियुक्ति बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग में हुई थी। उन्हें यहां 'वेद का छंद शास्त्र ' पढ़ाना था। वहीं इस मामले में छात्रों का कहना है कि नियम और अधिनियम के विरुद्ध यह नियुक्ति हुई है। इसकी जांच होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि या तो उनकी नियुक्ति रद्द हो या उन्हें कहीं और तैनात किया जाए। छात्रों का विरोध इस कदर है कि उन्होंने बुधवार शाम को कुलपति की गाड़ी पर बोतल फेंक दी। वहीं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एपीआरओ चंद्रशेखर का बयान भी इस मामले में सामने आया है । उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का स्टैंरड क्लियर है। यूनिवर्सिटी धर्म, जाति, संप्रदाय और लिंग आदि के सभी भेदभाव से उठकर है। इस मामले में विश्वि हिंदू परिषद की प्रतिक्रिया सामने आई है, उसने कहा कि प्रोफेसर की नियुक्ति तथ्यारत्मलक रूप से गलत है। यह संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान विभाग में हुई है। जिसमें जिन धर्मों का जन्म भारत में हुआ है, उसकी शिक्षा दी जाती है। इसमें भारतीय धर्म के दर्शन परंपराओ और पूजा पद्धति को पढ़ाना है। ऐसे में विश्व विद्यालय को प्रोफेसर फिरोज की नियुक्ति पर सोचना चाहिए। वहीं प्रोफेसर फिरोज की इस मामले में प्रतिक्रिया सामने आई है, उन्होंने बताया कि उन्हों संस्कृत को पूजा है, उनके घर में बचपन से भगवान कृष्ण् की फोटो रही है। फिरोज ने यह भी बताया कि उनके दादा गफूर खान संगीत विशारद रहे हैं। उन्हें कभी भी धार्मिक भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा।

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