Bijapur Naxal Attack CRPF Rakeshwar Singh Manhas: लापता जवान राकेश्वर सिंह की बेटी ने नक्सलियों से की अपील, 'नक्सल अंकल, प्लीज....मेरे पापा को छोड़ दो'- Watch Video

Publish Date: 07 Apr, 2021
Bijapur Naxal Attack CRPF Rakeshwar Singh Manhas: लापता जवान राकेश्वर सिंह की बेटी ने नक्सलियों से की अपील, 'नक्सल अंकल, प्लीज....मेरे पापा को छोड़ दो'- Watch Video

Bijapur Naxal Attack CRPF Rakeshwar Singh Manhas: छत्तीसगढ़ में हुए Naxal Attack के बाद, प्रभावित क्षेत्र बीजापुर और सुकमा जिले के सीमावर्ती इलाके में लापता हुए जवानों की तलाश जारी है। इसी बीच अब नक्सलियों ने दावा किया है कि एक लापता जवान राकेश्वर सिंह उनके कब्जे में है और सुरक्षित है। सरकार से नक्सलियों ने मध्यस्थों के नाम मांगे हैं। उसके बाद ही वो जवान को छोड़ेंगे, ऐसा बोला है। उन लोगों ने प्रेस नोट जारी करके इसकी जानकारी दी है।

सूत्रों के अनुसार जवान को मुठभेड़ की जगह से थोड़ी दूर पर एक गांव में रखा गया है। जवान राकेश्वर सिंह की 5 साल की बेटी राघवी ने नक्सलियों से अपने पापा को रिहा करने के लिए कहा है। बच्ची ने कहा कि, 'पापा की परी पापा को बहुत मिस कर रही है। मैं अपने पापा से बहुत प्यार करती हूं। प्लीज नक्सल अंकल, मेरे पापा को घर भेज दो।' राघवी के इतना बोलने के बाद उसके साथ वहां सभी लोग रोने लगे। जवान की पत्नी मीनू ने भी नक्सलियों से राघवी के पिता को रिहा करने की अपील की है। सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास कोथियन जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं। बीजापुर जिले में उनकी पोस्टिंग है। उस दिन नक्सलियों के खिलाफ हो रहे ऑपरेशन में वह भी शामिल थे। मुठभेड़ के बाद से ही वो लापता थे।

गांव में दिखे जवान राकेश्वर सिंह

सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में फायरिंग के दौरान राकेश्वर सिंह मनहास के पास जितनी गोलियां थी वो खत्म हो गई और वह पहाड़ी के पास खुद को बचाने के लिए छिप गए थे। फिर फायरिंग रुकने के बाद वो वहां से रायफल के साथ रास्ता भटक गए और एक गांव की ओर चले गए। गांव में प्रवेश करने से पहले ही ग्रामीण वेशभूषा में नक्सली संगठन के संघम सदस्यों ने राकेश्वर को रोका और उनसे उनकी रायफल ले ली। फिर इसके बाद जवान को नक्सलियों के हाथों सौंप दिया। वहीं यह भी जानकारी मिली है कि जवान पहाड़ी के पास बेहोश हो गए थे, जिसके बाद ग्रामीणों ने जवान को नक्सलियों तक पहुंचाया।

बीजापुर हमले में 21 जवान लापता

सुकमा में नक्सलियों संग मुठभेड़ के दौरान 21 जवान लापता हुए थे। इनमें से 20 जवानों के शव रविवार को एयरफोर्स की मदद से ढूंढे गए, वहीं, एक जवान राजेश्वर सिंह की तलाश अभी भी जारी है। अब ये बताना मुश्किल है कि नक्सलियों का दावा कितना सच है और कितना झूठ।

बीजापुर नक्सली कांड के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में अलर्ट

बीजापुर में नक्सलियों के इस हमले के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। खुफिया इनपुट के मुताबिक स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआइबी) बस्तर संभाग के सभी जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा से सटे सीमा के भी हर एक जिले को सर्चिंग बढ़ाने और पहले से अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

क्या अभिनंदन की तरह ही होगी राकेश्वर की वापसी

साल 2019 में पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक हुआ था, एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर को भारत सरकार अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान से वापस लेकर आई थी। उस वक्त भारत ने पाकिस्तान को ये साफ-साफ संकेत दे दिया था कि अगर पाकिस्तान ने अभिनंदन को वापस भारत नहीं भेजा तो भारत इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। 

एक बार फिर वैसे ही हमारे देश के एक और वीर जवान को छुड़ाना है। हालांकि इस बार हमें जवान को पाकिस्तान से नहीं छुड़ाना, बल्कि इस बार वो लोग हैं,  जो भारत में ही रहते हैं, भारत का ही खाते हैं। 

 

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