दैनिक जागरण से वर्चुअल संवाद में सीएम योगी बोले- कोरोना को हराया है, विधानसभा चुनाव भी जीतेंगे

Publish Date: 03 Jun, 2021 |
 

 

 यूपीके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को को दैनिक जागरण के ‘जागरण संपादक मंडल’ से बातचीत की। इस दौरान सीएम योगी ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए गए इंतजामों, किसानों के कल्याण के लिए शुरू की गई योजनओं और यूपी विधानसभा 2022 के चुनाव को लेकर खुलकर बात की। सीएम योगी ने कहा कि दैनिक जागरण ने कोरोना काल में तथ्‍यों के आधार पर रिपोर्टिंग की है। सीएम योगी आदित्यनाथ स्वागत दैनिक जागरण के प्रधान संपादक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गुप्त ने किया, जबकि आभार प्रबंध संपादक तरुण गुप्त ने व्यक्त किया।

सीएम योगी ने कहा कि, हमारी सरकार पहले दिन से किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हमने सत्ता में आते ही 86 लाख किसानों का एक लाख 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया था। कोरोना काल में किसानों के आंदोलन पर सीएम योगी ने कहा कि यह आंदोलन केवल जिद के आधार पर चलाया जा रहा है। जनता भी समझ चुकी है किसान नेता किसके राजनीतिक टूल्स बने हुए हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, यह अफवाह फैलाने या राजनीति करने का समय नहीं है। यह मानवता की सेवा करने का वक्त है।

सीएम योगी ने बेबाकी से दिए सवालों के जवाब

सीएम योगी ने स्वीकार किया कि कोरोना की दूसरी लहर सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। सीएम ने ये भी माना कि दूसरी लहर में सबसे बड़ा हाटस्पाट रहा होगा, लेकिन सही रणनीति के चलते आज यहां स्थिति नियंत्रण में है। वहीं उन्होंने पंचायत चुनाव न टालने के संदर्भ में कहा कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया थी और साल भर से लंबित चल रही थी। एक पीआइएल पर हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव कराने के आदेश दिए थे। राज्य निर्वाचन आयोग ने हाई कोर्ट के आदेश पर पंचायत चुनाव कराने का निर्णय लिया।

किसान आंदोलन को लेकर सीएम ने क्या कहा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर कहा कि किसान नेता किसका मोहरा बने हुए हैं? क्या ये सचमुच किसान आंदोलन है। जब देश के एक-एक नागरिक को बचाने की मुहिम चल रही हो तो कुछ लोग धरने पर हैं। आखिर ये किसके मोहरे हैं? वे देश को बदनाम करने वाली ताकतों का मोहरा बने हुए हैं। उन्हें न तो किसान सम्मान निधि योजना से कोई मतलब है, न कृषि सिंचाई योजना से और न ही किसानों के लिए चलाई जा रही ऐसी ही अन्य कल्याणकारी योजनाओं से। यह आंदोलन केवल जिद के आधार पर चलाया जा रहा है।

 

 

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