Delhi में 2015 से 2020 के Election में AAP, BJP, Congress ने क्‍या खोया, क्‍या पाया | Vote Share Calculation

Publish Date: 12 Feb, 2020
 
दिल्‍ली विधानसभा चुनाव (delhi election 2020) में 62 सीट आम आदमी पार्टी (aam aadmi party )ने जीत ली हैं। वहीं 8 सीटों पर बीजेपी (BJP )ने कब्‍जा किया है, लेकिन दिल्‍ली की 70 सीटों पर किस पार्टी को कितने वोट मिले। किस पार्टी का वोट शेयर खिसका, किसका बढ़ा । 2015 की तुलना में सभी पार्टियों के वोट शेयर और कुल वोट में कितना परिवर्तन आया है, इस बारे में बारी बारी से बताया गया है। दिल्‍ली विधानसभा चुनाव मे आम आदमी पार्टी ने सबसे ज्‍यादा 62 सीटें हासिल की। आम आदमी पार्टी का कुल वोट शेयर 2020 के चुनाव में 53.57 प्रतिशत है। अरविंद केजरीवाल के नाम पर दिल्‍ली के 49, 74, 522 लोगों ने उनहें वोट दिए। अब इसकी तुलना अगर 2015 से करें तो वोट शेयर में आम आदमी पार्टी को थोड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन वोटों में फायदा हुआ है। 2015 में आम आदमी पार्टी को 54.34 फीसदी वोट मिले थे। कुल वोट तब 48,78, 397 वोट मिले थे। लेकिन कुल वोटों में आम आदमी पार्टी ने बढ़त हासिल की है। पिछली बार की तुलना में उसे वोट 96,125 ज्‍यादा‬ ज्‍यादा मिले हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार 8 सीटें जीती हैं। उसका वोट प्रतिशत है 38.51 ......दिल्‍ली की 35,75,430 लोगों ने बीजेपी को वोट दिए हैं। अब इसको ऐसे देखें कि बीजेपी को आम आदमी पार्टी से कितने कम वोट मिले हैं, तो इसकी भी कैलकुलेशन हमने की है। जब यह हमने किया तो सामने आया 13,99,092‬ का आंकड़ा ....... लेकिन बीजेपी ने इस बार पिछली बार की तुलना में सीटें 3 से बढ़ाकर आठ कर ली हैं। बीजेपी के वोट शेयर में 2015 की तुलना में सुधार किया है। पिछली बार बीजेपी का कुल वोटशेयर 32.19% फीसदी था, बीजेपी को तब कुल वोट मिले थे 28, 90, 485 ........यानि पिछली बार की तुलना में वोट शेयर में 6.32 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी हुई है। वहीं 2015 की तुलना में कुल वोटों में 6,84,945 का इजाफा हुआ है। वहीं कांग्रेस का रिजल्‍ट 2015 में जीरो था, इस बार भी कांग्रेस का रिजल्‍ट 0 रहा। इस बार तो कांग्रेस की 67 सीटों पर जमानत ही जब्‍त हो गई, कांग्रेंस का 2020 के दिल्‍ली चुनाव में वोट शेयर रहा 4.26 फीसदी , उसे कुल वोट मिले 3,95, 924 .......यह पिछली बार यानि 2015 से भी खराब हो गया है। कांग्रेस का 2015 में वोट शेयर 9.65% फीसदी था, उसे तब कुल वोट मिले थे 866814 ....... अब इसकी तुलना भी हमने 2015 से की ........तो वोट शेयर में कांग्रेस को नुकसान हुआ 5.39 फीसदी का ..... और कुल वोटों का नुकसान हुआ 4,70,890‬ का .....यानि दिल्‍ली में कांग्रेस को मंथन करने की जरूरत है। वैसे दिल्‍ली में नोटा का प्रतिशत था .46 फीसदी यानि दिल्‍ली के कुल वोटरों में से 43108 लोगों ने नोटा पर बटन दबाया। यह प्रतिशत 2015 की तुलना में बढ़ा है। 2015 में 35,897 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। वहीं बहुजन समाज पार्टी का दिल्‍ली चुनाव में कुल वोट शेयर रहा .71 फीसदी ....वहीं दिल्‍ली की 70 सीटों पर उन्‍हें कुल 66,141 वोट मिले। इस चुनाव में जनता दल यूनाइटेड भी दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में उतरी उसने दिल्‍ली में बुराड़ी और संगम विहार में मैदान में उतरी । उसका दिल्‍ली चुनावों में कुल वोट फीसदी .91 फीसदी रहा ........उसे इन दो सीटों पर उन्‍हें कुल मिलाकर 84, 263 वोट मिले। इस तरह नितीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड दिल्‍ली चुनावों में वोट शेयर के मामले में चौथे नंबर पर रही। वहीं राम विलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी ने दिल्‍ली चुनाव में सीमापुरी सीट से चुनाव लड़ा, उसका वोट शेयर ओवरऑल .35 फीसदी रहा। एनसीपी का वोट शेयर .02, आरजेडी का .04, आरएलडी का .01 सीपीआई का वोट शेयर था .02 प्रतिशत, सीपीआईएम का .01 और अन्‍य का .91 फीसदी रहा। यानि अन्‍य को दिल्‍ली चुनाव में 84881 वोट मिले।
 

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