Delhi में Railway Line के किनारे बसीं 48,000 झुग्गियां फिलहाल नहीं हटाएंगे – Watch Video

Publish Date: 14 Sep, 2020
 

केंद्र सरकार ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया कि दिल्ली में 140 किलोमीटर की लंबाई वाली रेल पटरियों के किनारे कोई भी झुग्गी में रहने वालों को सरकार द्वारा अंतिम निर्णय लेने तक नहीं हटाया जाएगा। दिल्ली में 140 किलोमीटर तक रेल पटरियों के किनारे करीब 48,000 झुग्गियों हैं। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि रेलवे, दिल्ली सरकार और शहरी विकास मंत्रालय के परामर्श से अंतिम निर्णय लिया जाएगा। न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने भी मेहता के आश्वासन को दर्ज किया और कहा कि इन झुग्गीवासियों के खिलाफ चार सप्ताह तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। शीर्ष अदालत ने 31 अगस्त को दिल्ली में रेलवे पटरियों के किनारे लगभग 48,000 झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने का निर्देश दिया था और कहा था कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा। कोर्ट ने मामले को 4 हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया है। इन झुग्गियों में लगभग 2,40,000 लोग रहते हैं। पीठ सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हटाए जाने से पहले इन झुग्गीवासियों के पुनर्वास की मांग की गई थी। आपको बता दें कि, पीठ सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हटाए जाने से पहले इन झुग्गीवासियों के पुनर्वास की मांग की गई थी। इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

 
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