Farmer ordinance 2020: हरसिमरत कौर ने दिया इस्तीफ़ा, JJP के Dushyant Chautala पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ा- Watch Video

Publish Date: 18 Sep, 2020
 

Farmer ordinance 2020: नरेंद्र मोदी सरकार में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने गुरुवार को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित किए गए तीन कृषि बिलों का विरोध करने के लिए इस्तीफा दे दिया। एसएडी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के प्रधान सलाहकार हरचरण बैंस ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। कौर ने एक ट्वीट में कहा, "मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है।" इसके बाद NDA के एक और सहयोगी जननायक जनता पार्टी (JJP) पर साथ छोड़ने का दबाव बढ़ रहा है। हरियाणा में BJP और JJP की सरकार है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने ट्वीट किया, 'दुष्यंत जी हरसिमरत कौर बादल की तरह आपको भी कम से कम डिप्टी सीएम की पोस्ट से इस्तीफा दे देना चाहिए। आपको किसानों से ज्यादा अपनी कुर्सी प्यारी है।' वहीं इसी के साथ कांग्रेस नेता व राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट किया, 'पंजाब के अकाली दल, AAP ने संसद में कांग्रेस के साथ किसान विरोधी 3 अध्यादेशों का विरोध करने का साहस दिखाया, पर दुर्भाग्य कि हरियाणा के BJP, JJP नेता सत्ता-सुख के लिए किसान से विश्वासघात करने लगे हुए हैं। जब पंजाब के सब दल किसान के पक्ष में एक हो सकते हैं तो हरियाणा BJP-JJP क्यूँ नहीं? अकाली हरसिमरत जी के इस्तीफे के बाद इस प्रश्न को और बल मिलता है- जब पंजाब के सारे दल किसान के पक्ष में एक होकर केंद्र के इन किसान-घातक अध्यादेशों के विरोध में आ सकते हैं तो हरियाणा के सत्तासीन BJP-JJP नेता क्यूँ किसान से विश्वासघात कर रहे हैं? किसान-हित से ऊपर सत्ता-लोभ।' आपको बता दें ट्वीट में कौर ने आगे कहा, "हजारों किसान सड़कों पर हैं। मैं सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहती था कि किसानों की आशंकाओं को दूर किए बगैर सदन में बिल पास हो जाए। इसीलिए मैंने इस्तीफा दे दिया।" सांसद ने पीएम को संबोधित चार पन्नों के त्याग पत्र में लिखा, "मेरा फैसला मेरी पार्टी की दृष्टि, इसकी शानदार विरासत और किसानों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।" बादल ने कहा, "हम किसानों के साथ खड़े हैं और उनके लिए कुछ भी करेंगे। हमारी पार्टी द्वारा अगली कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए जल्द ही एक बैठक होगी।" संसद में बादल ने कहा कि प्रस्तावित कानून कृषि क्षेत्र के निर्माण के लिए पंजाब की सरकारों द्वारा की गई 50 साल की मेहनत को "नष्ट" कर देंगे। विधेयकों का विरोध करते हुए, उन्होंने भारत को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य के बड़े योगदान को याद किया।

 

 

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