Farmers Protest: किसानों की ट्रैक्टर रैली पर दखल नहीं देगा SC, कमेटी पर उठ रहे सवालों पर जताई नाराजगी – Watch Video

Publish Date: 20 Jan, 2021 |
 

Farmers Protest: किसान आंदोलन का आज 56वां दिन है। कड़ाके की इस ठंड में किसानों ने ने साफ कर दिया है कि जब तक कानूनों को वापस नहीं लिया जाता वो दिल्ली की सीमा से हटने वाले नहीं है। गणतंत्र दिवस पर किसानों के ट्रैक्टर मार्च निकालने  के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने इस ट्रैक्टर रैली निकालने पर रोक की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज ये साफ कर दिया है कि वो इस मामले में कोई दखल नहीं देगा। कोर्ट ने इस याचिका को वापस लेने के लिए भी कहा। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिकाओं को वापस ले लिया।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हमने आपको बताया है कि हम इसमें कोई निर्देश जारी नहीं करेंगे। यह पुलिस का मामला है। हम आपको अपनी याचिका वापिस लेने की अनुमति देते हैं। आपको इससे निपटना होगा। आपके पास आदेश पारित करने की शक्तियां हैं। आदेश पारित करना अदालत के लिए नहीं है।” वहीं कमेटी के दोबारा गठन को लेकर महापंचायत द्वारा दायर याचिका पर कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। पहले बनाई गई कमेटी के चार सदस्यों में से एक ने खुद को अलग कर लिया है। इस मामले पर सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एस ए बोबडे, जस्टिए एएस बोपन्ना और  वी रामसुब्रहमण्यम कर रहे हैं।

किसानों ओर से वकील प्रशांत भूषण और दुष्यंत दवे ने कोर्ट को बताया कि किसान इस कमेटी के सामने पेश नहीं होंगे। जिसपर कोर्ट ने कहा पेश होना न होना उनकी मर्जी है लेकिन कमिटी के ऊपर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा सकते। कमेटी पर उठ रहे सवालों पर नाराजगी जताते हुए चीफ जस्टिस ने कहा, ''कमिटी को कोई फैसला लेने के लिए नहीं कहा गया है। सिर्फ लोगों की बात सुन कर हमें रिपोर्ट देना है। हमने कानून पर रोक लगाई और कमिटी बनाई। जो कमिटी में नहीं जाना चाहते, न जाएं। लोगों को इस तरह से ब्रांड करने की क्या ज़रूरत है। आप लोग अखबारों के हवाला दे रहे हैं। लेकिन कोर्ट लोगों की राय से फैसले नहीं लेता। यहां कहा जा रहा है कि कोर्ट की इन लोगों को रखने में दिलचस्पी थी। यह बहुत आपत्तिजनक है।”

चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि, ''हमने कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक कमिटी बनाई थी। इसका उद्देश्य सभी पक्षों की बात सुनना था। उन्हें कोई फैसला लेने की शक्ति नही दी गई थी। कमिटी को हमें रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। कमिटी के सदस्य भूपिंदर सिंह मान ने इस्तीफा दे दिया है। इससे एक जगह खाली हो गई है। हमारे सामने एक अर्ज़ी आई है कि खाली पद को भरा जाए। हम इस पर नोटिस जारी कर रहे हैं।'' इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video...

 

 

Related videos

यह भी पढ़ें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept