Farmers Protest: ट्रैक्टर परेड में हिंसा पर जानें क्या बोला विपक्ष – Watch Video

Publish Date: 27 Jan, 2021 |
 

Farmers Protest: गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा पर दिल्ली पुलिस ने अब एक्शन लिया है। किसानों की ट्रैक्टर परेड दौरान हुई हिंसा पर पुलिस ने अलग-अलग थानों में 22 FIR दर्ज की हैं। तोड़फोड़ और पुलिसकर्मी की पिस्टल लूट जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस हिंसा में लगभग 300 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं इस हिंसा पर अब नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है। राहुल गांधी ने इस घटना पर कहा कि चोट किसी को भी लगे, नुकसान हमारे देश का ही होगा। देशहित के लिए कृषि-विरोधी कानून वापस लो।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि, दिल्ली में चौंकाने वाले दृश्य दिखे। कुछ तत्वों द्वारा की गई हिंसा अस्वीकार्य है। यह शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे किसानों द्वारा उत्पन्न सद्भावना को नुकसान पहुंचाएगा। किसान नेताओं ने खुद को इससे अलग कर लिया और ट्रैक्टर रैली को स्थगित कर दिया। मैं सभी किसानों से दिल्ली खाली करने और बॉर्डर्स पर लौटने का निवेदन करता हूं।

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा कि, “पहले इन कानूनों को किसानों को विश्वास में लिए बिना पारित किया गया था। और फिर पूरे भारत में और पिछले 2 महीनों से दिल्ली के पास डेरा डाले हुए किसानों के विरोध के बावजूद वे उनसे निपटने में बेहद लापरवाह हैं। केंद्र को किसानों के साथ जुड़ना चाहिए और बेरहम कानूनों को निरस्त करना चाहिए।”

मायावती ने इस घटना पर ट्वीट किया, "देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह कतई भी नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए।" उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा,  "बसपा की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।"

वहीं दिल्ली हिंसा पर अखिलेश यादव ने Tweet किया, "भाजपा सरकार ने जिस प्रकार किसानों को निरंतर उपेक्षित, अपमानित व आरोपित किया है, उसने किसानों के रोष को आक्रोश में बदलने में निर्णायक भूमिका निभायी है। अब जो हालात बने हैं, उनके लिए भाजपा ही कसूरवार है। भाजपा अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी मानते हुए कृषि-क़ानून तुरंत रद्द करे।" इस खबर के बारे में औरअधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

 

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