Good Friday 2021: जानें क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे, क्या है इसका इतिहास

Publish Date: 02 Apr, 2021
Good Friday 2021: जानें क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे, क्या है इसका इतिहास

 

Good Friday 2021: गुड फ्राइडे, ईस्टर से पहले मनाया जाता है। इसी दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के लोग तपस्या, दु: ख और उपवास के दिन के रूप में मनाते हैं। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के लोगों के उपवास की 40 दिनों की अवधि के अंत को प्रदर्शित करता है, जिसे लेंट कहा जाता है। इस साल 2021 में, लेंट शनिवार- 3 अप्रैल, को है इसे ईस्टर से एक दिन पहले मनाया जाता है। ईसाइयों के लिए ये पवित्र सप्ताह रविवार, 29 मार्च से शुरू हुआ था और 5 अप्रैल को समाप्त होगा। बता दें कि ईस्टर मंडे को 'ब्राइट मंडे' या 'रिन्यूअल मंडे' भी कहा जाता है। 

गुड फ्राइडे का क्या है इतिहास

ऐसा कहा जाता है कि 2000 साल पहले यरुशलम के गैलिली प्रांत में ईसा मसीह, वहां के लोगों को मानवता, एकता और अहिंसा का ज्ञान देते थे। वहां उनके उपदेशों को सुनकर कई लोग उन्हें ईश्वर समझने लगे थे। लेकिन वहां के धार्मिक अंधविश्वास फैलाने वाले धर्मगुरुओं ने उनसे चिढ़ने शुरू कर दिया था। एक तरफ लोगों के बीच ईसा मसीह की लोकप्रियता बढ़ रही थी, तो वहीं दूसरी ओर यह बात धर्मगुरुओं को अच्छी नहीं लग रही थी। इसके बाद धर्मगुरुओं ने ईसा मसीह की शिकायत रोम के शासक पिलातुस से कर दी थी। धर्मगुरु ने पिलातुस से ईसा मसीह के बारे में कहा कि वो खुद को ईश्वरपुत्र बता रहे हैं। यह पापी है और ईश्वर के बारे में बातें करता है। इसके साथ ही उनपर धर्म अवमानना करने का आरोप भी लगाया गया। इसके साथ ही राजद्रोह का आरोप भी लगा। फिर ईसा को क्रूज पर मत्यु दंड देने का ऐलान कर दिया गया। उन्हें कोड़ें-चाबुक से मारा गया, इतना ही नहीं उन्हें कांटों का ताज पहनाया गया। फिर कीलों से ठोककर उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया। बाइबल की मानें तो, उन्हें जिस जगह पर उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था, उसका नाम गोलगोथा है।

गुड फ्राइडे का क्या है महत्व:

बाइबिल की कहानी के मुताबिक, ईसा मसीह को प्राचीन समय के धार्मिक धर्मगुरु ने गिरफ्तार किया था। उन्हें मारा-पीटा भी था। इसके बाद उन्हें सूली पर लटका दिया गया था जिससे उनकी मौत हो गई थी। लेकिन इस दिन को गुड फ्राइडे इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसको पवित्र समय माना जाता है। इस दिन को ईसाई धर्म के लोग चर्च सेवा में बिताते हैं। वहीं, कुछ चर्चों में ईसा मसीह के जीवन के अंतिम घंटों को दोहराया जाता है और उनके बलिदान को सभी याद करते हैं।




 

Related Videos

यह भी पढ़ें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept