Jagran Dialogues: PPF से कैसे उठाएं अधिकतम फायदा, जानें एक्सपर्ट्स की राय – Watch Video

Publish Date: 02 Apr, 2021 |
 

Jagran Dialogues: केंद्र सरकार के एक फैसले पर बवाल हो गया है। जिसके बाद सरकार सवालों के घेरे में है। दरअसल, केंद्र सरकार ने PPF जैसी स्मॉल सेविंग स्कीम पर ब्याज दर में कटौती करने का फैसला वापस ले लिया है। एक दिन पहले ही सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम पर ब्याज दरों में भारी कटौती का ऐलान किया था लेकिन अगले ही दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्विट कर इस फैसले को वापस ले लिया है जिसके बाद से ही विपक्षी पार्टी सरकार के फैसले को चुनाव का असर बता रही है।

PPF निवेश एक ऐसा विकल्प है कजिस पर गारंटीड ब्‍याज मिलता है। PPF पर ब्याज दर सरकार हर तिमाही के लिए तय करती है। वहीं  इस फैसले के बाद कई लोगों के मन में PPF निवेश को लेकर कई तरह के उठ रहे होंगे। PPF निवेश क्या है? इसकी ब्‍याज दर क्या है? PPF से जुड़े सभी सवालों के जवाब आपको Jagran Dialogues के इस एपिसोड में एक्‍सपर्ट्स से मिल जाएंगे। Sebi Registered Investment Advisor Manikaran Singal और  Sebi Registered Investment Advisor Jitendra Solanki के साथ जागरण न्यू मीडिया के मनीश मिश्रा और अभिनव गुप्ता PPF से जुड़े सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं।

Manikaran Singal बताते हैं कि, “PPF स्मॉल सेविंग डिपोजिट्स में आता है। पोस्ट ऑफिस के साथ-साथ आजकल बैंक में भी पीपीएफ अकाउंट खोला जा सकता है। यह भारत सरकार द्वारा समर्थित योजना है। यह स्मॉल सेविंग स्कीम है तो इसमें निवेश की सीमा तय है। इसका मतलब है कि हर निवेश इस स्कीम में एक सीमा तक ही इंवेस्ट कर सकता है। इस प्रोडक्ट के तहत ब्याज टैक्स फ्री है। इसके अलावा इंवेस्टमेंट और मेच्योरिटी भी टैक्स फ्री है। इस तरह है EEE यानी एक्जेम्ट, एक्जेम्ट, एक्जेम्ट श्रेणी के अंतर्गत आता है। यह फिक्स्ड इनकम व टैक्सेशन के बेनिफिट्स के साथ आता है।”

वहीं जितेंद्र पी एस सोलंकी बताते हैं कि, “आप पोस्ट ऑफिस में पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाता खुलवा सकते हैं। सभी सरकार बैंकों और प्राइवेट बैंकों में पीपीएफ अकाउंट खुल सकता है। इसमें आपको सभी केवाईसी डॉक्यूमेंट की जरूरत होती है। इसके बाद एक पीपीएफ फॉर्म भरना होता है। पीपीएफ फॉर्म को भरकर आपको पोस्टऑफिस या बैंक में देना होता है। उसके बाद आपका पीपीएफ अकाउंट खुल जाता है। न्यूनतम 100 रुपये से अकाउंट खुल जाता है। आपको एक बार अपने बैंक और पोस्ट-ऑफिस में जाना पड़ता है।”

 

 

यह भी पढ़ें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept