Jagran Dialogues: बाइक एवं कार इंश्‍योरेंस लेते वक्‍त इन बातों का रखें ध्‍यान

Publish Date: 06 Jul, 2021 |
 
Jagran Dialogues में हम विशेषज्ञों के साथ ऐसे विषयों पर चर्चा करते हैं, जिनका सीधा संबंध आपके जीवन से होता है और जो आपके फायदे से जुड़ी होती हैं। लोगों के घरों में वाहन के नाम पर बाइक और कार होती हैं। वाहन को हम बिना इंश्योरेंस के सड़कों पर नहीं चला सकते, इसलिए हम अपने वाहन का इंश्योरेंस करवाते हैं। सवाल यह है कि एक ग्राहक को किस तरह का मोटर इंश्योरेंस लेना चाहिए, जो ज्यादा लाभप्रद हो। Jagran Dialogues की इस कड़ी में Jagran New Media के Manish Mishra और Varun Sharma ने इस मुद्दे पर A&M Insurance Brokers के डायरेक्टर Sumit Wadhwa और United India Insurance के Jagdish Narang से विस्तार से चर्चा की।


Jagran Dialogues के इस एपिसोड में जगदीश नारंग ने मोटर इंश्योरेंस की महत्ता से जुड़े सवाल पर बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 146 के अनुसार, किसी भी गाड़ी का मालिक ना तो खुद गाड़ी चलाएगा और ना ही किसी ओर को चलाने देगा, जब तक कि उसके पास सेक्शन 146 के चैप्टर 10 के मुताबिक मोटर इंश्योरेंस ना हो। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में ना सिर्फ स्वयं वाहन चालक का नुकसान होता है, बल्कि वह सामने वाले व्यक्तियों को भी क्षति पहुंचाता है। इसलिए Third Party Insurance जरूरी होता है, ताकी थर्ड पार्टी को हुए नुकसान की भरपाई हो सके।

वहीं, सुमित वाधवा ने जीरो डेप्रिसिएशन कवर के बारे में चर्चा में विस्तार से बताया।

नारंग ने Add On Cover पर बात करते हुए बताया कि जिस तरह हम पिज्जा लेने जाते हैं, तो उस पर पैसा देकर जितना चाहे टॉपिंग डलवा सकते हैं, उसी तरह आप जितने उपलब्ध एड ऑन कवर लेना चाहें, वे ले सकते हैं। इसके लिए आपको अतिरिक्त पैसा देना होगा। नारंग ने बताया कि अगर ग्राहक अफोर्ड कर सके, तो उसे जीरो डेप्रिसिएशन और इंजन प्रोटेक्शन जैसे कवर लेने चाहिए।
 

Related videos

यह भी पढ़ें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept