गलवान में शहीद हुए सैनिकों की बहादुरी पर लद्दाख के फुंसुक ने सुनाई कविता - Watch Video

Publish Date: 06 Jul, 2020
 
15 जून को गलवान घाटी में चीन-भारत के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसमें भारत के 20 जवान शहीद और घायल हो गए। लद्दाख में गलवान घाटी (Galwan Valley) की इस घटना पर वहां के एक स्थानीय कवि फुंसुक लद्दाखी ने कविता सुनाई है। फुंसुक लद्दाखी ने इस कविता के जरिए गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों को याद किया है. एक मिनट 19 सकेंड के इस कविता को आप बार-बार सुनना चाहेंगे. उन्होंने लिखा है… उनकी कविता के बोल कुछ ऐसे हैं….. खाके, खाके हां खाके सौगंध मिट्टी की पीके, पीके हां पीके पानी सिंध का खाके सौगंध मिट्टी की, पीके पानी सिंध का शोला बनके बरसा, अरे शोला बनके बरसा
 
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