Mahalaya 2020 : यहां जानिए किस दिन मनाई जाएगी Mahalaya Amawasya – Watch Video

Publish Date: 14 Sep, 2020
 

Mahalaya 2020 : हिंदू धर्म में कई सारे त्यौहार  मनाए जाते हैं। इन सभी त्यौहार  का अपना-अपना महत्वा होता है। इस Video में आपको महालया अमावस्या के बारे में बताने वाले हैं। महालया अमावस्या क्यों मनाया जाता है? महालया अमावस्या  का महत्व क्या है और इसे कैसे मनाते हैं? पितृ पक्ष की आखिरी श्राद्ध तिथि को महालया पर्व मनाया जाता है।  दो सप्ताह का पितृ पक्ष श्राद्ध 17 सितंबर को महालया अमावस्या के साथ समाप्त होगा, जब लोग दुर्गा पूजा का इंतजार करते हैं। अन्य वर्षों के विपरीत, इस वर्ष हमें महाशष्ठी ’पर देवी दुर्गा का स्वागत करने से पहले एक महीने तक इंतजार करना होगा, जो दुर्गा पूजा की शुरुआत का प्रतीक है। एक सामान्य वर्ष में, 'महालया' और 'महाशष्ठी' के बीच का अंतर छह दिनों का होता है। इस वर्ष 'महाशष्ठी' 22 अक्टूबर को है। शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त से बचने के लिए 'महालया' और 'मुहूर्ती' के बीच 35 दिनों के अंतराल को 'माला मुह' या 'अपवित्र माह' कहा जाता है। एक 'माला मैश' एक महीना है, जिसमें दो नए चंद्रमा या 'अमावस्या' होते हैं। दुर्गा पूजा मनाए जाने पर सबसे शुभ काल - 'देवी पक्ष' - 17 अक्टूबर को 'प्रतिपदा' या शरद नवरात्रि के पहले दिन से शुरू होता है। आपको बता दें कि इस बार पितृ पक्ष की शुरूआत 1 सितंबर से हो गई थी हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के दिन से ही पितृ पक्ष शुरु हुआ है। ऐसा माना जाता है कि श्राद्ध पक्ष में पितरलोक से पितर देव अपने परिजनों से मिलने के लिए धरती पर किसी न किसी रूप में आते हैं और परिजनों के द्वारा भोजन और भाव ग्रहण करते हैं। देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। इस वायरस की वजह से त्योहारें पर भी असर पड़ रहा है। आपको बता दें कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि से पितृपक्ष शुरू हो गया है। श्राद्ध में पिंडदान और ब्राह्मणों को खाना खिलाया जाता है। इसमें चावल, गाय का दूध, घी, शक्कर और शहद को मिलाकर बने पिंडों को पितरों को अर्पित किया जाता है। जल में काले तिल, जौ, और सफेद फूल मिलाकर उससे विधिपूर्वक तर्पण किया जाता है। इसके बाद ब्राह्मण भोज कराया जाता है। कहा जाता है कि इन दिनों में आपके पूर्वज किसी भी रूप में आपके द्वार पर आ सकते हैं इसलिए इस दौरान घर आए किसी भी व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए। इस खबर के बारे मे और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

 

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