Maharashtra : मंदिर खोलने को लेकर पवार ने लिखी पीएम को चिट्ठी, राज्यपाल की भाषा पर उठाए सवाल – Watch Video

Publish Date: 14 Oct, 2020
 

Maharashtra : NCP प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा COVID-19 महामारी के बीच पूजा स्थलों को फिर से खोलने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, उस पर शरद पवार ने नाराजगी जताई है। शरद पवार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखा। जिसपर विवाद शुरू हो गया। पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में शरद ने कहा, 'लोकतंत्र में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच विचारों के स्वतंत्र आदान-प्रदान में कोई समस्या नहीं है, मगर संवैधानिक पदों पर बैठे हुए लोगों को अपनी भाषा की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के 'अचानक सेक्युलर' हो जाने पर तंज कसा था। सेक्युलर शब्द हमारे संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा है, राज्य के मुख्यमंत्री से भी अपेक्षा की जाती है कि वह इस शब्द की मर्यादा का ख्याल रखेगा और इसमें कोई बुराई भी नहीं है। मगर राज्यपाल ने जिस तरह इसका इस्तेमाल किया, ऐसा लगता है कि वह राज्य के मुख्यमंत्री नहीं बल्कि किसी राजनीतिक दल के नेता को संबोधित कर रहे हों।' आपको बता दें कि  सोमवार को गवर्नर कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखकर कहा था कि उन्हें कोविड गाइडलाइंस के साथ धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने के लिए 'तुरंत घोषणा करने का आग्रह' किया था। अपने पत्र में, कोशियारी ने उल्लेख किया था कि उन्हें धार्मिक पूजा के स्थानों को फिर से खोलने की मांग करने वाले प्रतिनिधिमंडलों से तीन प्रतिनिधित्व मिले हैं। इसके जवाब में, ठाकरे ने 'संयोग' पर ध्यान दिलाया कि कोशारी ने जिन तीन पत्रों का उल्लेख किया है, वे भाजपा के पदाधिकारियों और समर्थकों के थे। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में, कोशियारी ने पूछा था, "क्या आप अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं, जिस शब्द से आपको नफरत है?" इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

 

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