NEP 2020 Highlights: जानिए स्कूल और उच्च शिक्षा की नई व्यवस्था क्या है – Watch video

Publish Date: 01 Aug, 2020
 
NEP 2020 Highlights: केंद्रीय कैबिनेट ने 29 July 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत school और Higher education में कई बदलाव किए गए हैं। इसका उद्देश्य एजुकेशन सिस्टम को पूरी तरह बदलना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 34 साल बाद हुए व्यापक परिवर्तन के तहत मेडिकल और विधि को छोड़ पूरी उच्च शिक्षा का एक नियामक होगा। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि 5+3+3+4 क्या फार्मूला है। स्कूल पाठ्यक्रम के 10 + 2 ढांचे की जगह 5 + 3 + 3 + 4 का नया पाठ्यक्रम संरचना लागू किया जाएगा जो क्रमशः 3-8, 8-11, 11-14, और 14-18 उम्र के बच्चों के लिए है। इसमें 12 साल की स्कूली शिक्षा और तीन साल की आंगनवाड़ी और प्री-स्कूलिंग शामिल होगी। बच्चों पर से बोर्ड परीक्षा का भार कम किया जाएगा तो उच्च शिक्षा के लिए भी अब सिर्फ एक नियामक होगा। पढ़ाई बीच में छूटने पर पहले की पढ़ाई बेकार नहीं होगी। अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा एक और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। इन पांच सालों की पढ़ाई के लिए एक नया पाठ्यक्रम तैयार होगा। अगले तीन साल का स्टेज कक्षा 3 से 5 तक का होगा। इसके बाद 3 साल का मिडिल स्टेज आएगा यानी कक्षा 6 से 8 तक का स्टेज। अब छठी से बच्चे को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा दी जाएगी। स्थानीय स्तर पर इंटर्नशिप भी कराई जाएगी। चौथा स्टेज (कक्षा 9 से 12वीं तक का) 4 साल का होगा। इसमें छात्रों को विषय चुनने की आजादी रहेगी। इन कक्षाओं में विषय आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। कक्षा छह से ही कौशल विकास कोर्स भी शुरू हो जाएंगे। वहीं कक्षा नौ से 12 की पढ़ाई दो चरणों में होगी जिसमें विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा। विषयों को चुनने की आजादी भी होगी। बता दें कि सभी छात्र ग्रेड 3, 5 और 8 में स्कूल परीक्षा देंगे, जो कि अप्रूव्ड अथॉरिटी द्वारा आयोजित की जाएगी। एक राष्ट्रीय पुस्तक संवर्धन नीति तैयार की जानी है। नीति में मातृभाषा / स्थानीय भाषा / क्षेत्रीय भाषा को शिक्षा के माध्यम के रूप में कम से कम 5 ग्रेड तक रखने का जोर दिया गया है। स्कूल के सभी स्तरों और उच्चतर शिक्षा में छात्रों के लिए संस्कृत एक विकल्प के रूप में पेश के जाएगी। किसी भी छात्र पर कोई भाषा थोपी नहीं जाएगी। बच्चे प्री-स्कूलिंग शिक्षा लेंगे और फिर पहली और दूसरी में पढ़ेंगे। पांच सालों के लिए एनसीईआरटी विशेष पाठ्यमक्रम बनाएगा। इसमें किताबी ज्ञान के साथ खेलकूद, मनोरंजन से सीखाना है, ताकि मानसिक और शारीरिक विकास सामान्य हो। एक्टिविटी आधारित लर्निंग पर फोकस होगा और 3 से 8 साल तक बच्चे कवर होंगे।
 

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