Nirbhaya Case: सात साल बाद दोषियों को फांसी, जानें- कब-क्या हुआ?

Publish Date: 20 Mar, 2020

Nirbhaya को आखिरकार सात साल बाद इंसाफ मिला. 20 मार्च 2020 को सुबह साढ़े 5 बजे Nirbhaya के चार दोषियों Mukesh, Akshay, Vinay और Pawan को सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दे दी गई. इससे पहले दोषियों के वकील AP Singh ने High Court से लेकर Supreme Court तक के चक्कर लगाए... लेकिन सात साल तीन महीने और चार बाद Nirbhaya को इंसाफ मिल ही गया. Nirbhaya के साथ 2012 में हुई गैंगरेप की घटना में कुल 6 लोग शामिल थे. उनमें से राम सिंह ने 2013 में फांसी लगा ली थी, जबकि एक नाबालिग था जो सुधार गृह में रहने के बाद तीन साल पहले बाहर आ चुका है. चार दोषियों अक्षय सिंह, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और विनय शर्मा ने अंतिम दम तक फांसी टालने की कोशिश की... कोर्ट द्वारा 3 बार जारी किए गए डेथ वारंट को कानूनी उलझनों की वजह से टालना पड़ा.. पहला डेथ वारंट 22 जनवरी को जारी हुआ. उसके बाद 1 फरवरी और फिर 3 मार्च की तारीख का डेथ वारंट जारी किया गया... तीनों बार फांसी की सजा टलने के बाद Patiala House Court ने 20 जनवरी को चौथा डेथ वारंट जारी किया. चौथे डेथ वारंट पर भी रोक लगवाने के लिए दोषियों के वकील एपी सिंह ने गुरुवार को भरपूर कोशिश की. AP Singh ने कहा कि मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में है.

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