New Education Policy 2020 : जानिए क्यों जरुरी है पांचवीं तक मातृभाषा में पढ़ाई, PM Modi ने खुद बताया – Watch Video

Publish Date: 13 Aug, 2020

PM Narendra Modi on New Education Policy 2020:

34 साल बाद शिक्षा नीति में हुए बदलाव में Modi सरकार ने भाषा से जुड़े भी कई अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत सरकार ने त्रिभाषा फार्मूला अपनाया है। यानी कि अब बच्चों के लिए पांचवी तक उनकी मातृभाषा क्षेत्रीय या स्थानीय भाषा का उपयोग किया जाएगा। हालांकि किया पर भी यह भाषा थोपी नहीं जाएगी। इसी विषय पर आज PM Narendra Modi ने देश की New Education Policy को लेकर देशवासियों को संबोधित किया है। PM Modi ने बताया कि New Education Policy से पढ़ाई में क्या बदलाव हुए, आने वाले समय में New Education Policy हमारी शिक्षा विभागों पर क्या असर पड़ेगा। इन सबी सवालों का जवाब आपको इस Video में मिल जाएगा।

PM Modi ने कहा कि New Education Policy के संबंध में ये कॉन्क्लेव बहुत महत्वपूर्ण है। 3-4 साल के व्यापक विचार-विमर्श और लाखों सुझावों पर मंथन करने के बाद इस New Education Polic को स्वीकृति दी गई।

Key changes in New Education Policy

New Education Policy 21वीं सदी के नए भारत की नींव रखेगी। अभी तक हमारी शिक्षा व्यवस्था में 'क्या सोचना है' पर ध्यान केंद्रित रहा, जबकि नई शिक्षा नीति में 'कैसे सोचना है' पर बल दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर संतुष्टि जताई कि देश के किसी भी क्षेत्र या वर्ग से भेदभाव संबंधी कोई शिकायत नहीं आई। PM Modi ने कार्यान्वयन को लेकर उठे सवालों पर कहा कि 'यह सवाल आना स्वाभाविक है कि इतना बड़ा सुधार कागज पर तो कर दिया गया लेकिन इसे हकीकत में कैसे उतारा जाएगा। इसके लिए हमें जहां-जहां सुधार की जरूरत है, वहां मिलकर सुधार करना है और करना ही है। आप सब सीधे इससे जुड़े हैं, इसलिए आपकी भूमिका अहम है।

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PM Modi ने आगे कहा कि, 'जहां तक इसपर पॉलिटिकल बिल की बात है, तो मैं पूरी तरह आपके साथ हूं। हर देश अपनी शिक्षा नीति में अपने लक्ष्य, अपने विचार और संस्कार के मिश्रण के साथ बनाता है। हमारी एनईपी इसी आधार पर बनाई गई है। इसका मकसद नए एजुकेशन सिस्टम के जरिए देश की वर्तमान और आगे की पीढ़ियों को सशक्त बनाना है। ये भी खुशी की बात है कि New Education Policy आने के बाद देश के किसी भी क्षेत्र से, किसी भी वर्ग से ये बात नहीं उठी कि इसमें किसी तरह का पक्षपात है या ये किसी एक ओर झुकी हुई है।’ आपको बता दें कि New Education Policy में GDP का 6% हिस्सा एजुकेशन सेक्टर पर खर्च किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जो वर्तमान में केंद्र और राज्य को मिलाकर कुल 4.43% है।

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