Rajasthan Political Crisis : Ashok Gehlot को सबक सिखाने के लिए कर रहे थे सही वक्त का इंतजार : Mayawati

Publish Date: 28 Jul, 2020
 
Rajasthan Political Crisis : Rajasthan में सियासी पारा गरमा चुका है। Sachin Pilot का गुट और CM Ashok Gehlot का गुट एक दूसरे पर रोज नए आरोप लगा रहा है। इन दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई सियासी जंग अब कानूनी रूप ले चुकी है। सियासत की इस जंग में अब BSP की भी एंट्री हो चुकी है। बीते साल कांग्रेस में शामिल हुए BSP के सभी छह विधायकों के खिलाफ कोर्ट का रुख करना। इस मामले पर बोलते हुए बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि Rajasthan में चुनाव के बाद कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन दिया था, लेकिन दुर्भाग्य से सीएम अशोक गहलोत ने बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए हमारे सभी विधायकों को अपनी पार्टी में विलय करा दिया। कानून का उल्लंघन कर हमारे विधायकों को अपनी ओर किया गया, अगर जरूरत पड़ती है तो हम इस मामले को Supreme Court तक ले जाएंगे। BSP सुप्रीमो ने आगे कहा कि, छह विधायकों के कांग्रेस में विलय होने की घटना को असंवैधानिक करार देते हुए कहा, BSP पहले भी कोर्ट जा सकती थी, लेकिन हम उस समय का इंतजार कर रहे थे, जब अशोक गहलोत और कांग्रेस को सबक सिखाई जा सके। अब हमने कोर्ट जाने का फैसला किया है।' आपको बता दें कि BSP ने व्हिप जारी कर पार्टी टिकट पर चुनाव जीतने वाले सभी छह विधायकों को कांग्रेस की ओर से लाए गए विश्वास मत के खिलाफ वोट करने को कहा है। यानी Ashok Gehlot सरकार को मायावती का साथ नहीं मिलेगी। BSP टिकट पर जो पर छह विधायक चुने गए थे, वो हैं- आर. गुढ़ा, लखन सिंह, दीप चंद, जेएस अवाना, संदीप कुमार और वाजिब अली। व्हिप के अनुसार, अगर कोई भी विधायक पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाएगी। पार्टी प्रमुख मायावती ने यह व्हिप जारी किया है। इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…
 

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