MP Political Crisis: BJP के फ्लोर टेस्ट की मांग पर SC में सुनवाई

Publish Date: 18 Mar, 2020
 
Madhya Pradesh में सियासी संकट अब संवैधानिक संकट का रूप ले चुका है। Governor Lalji Tandon के दूसरी बार निर्देश के बाद भी मुख्यमंत्री Kamal Nath ने मंगलवार को भी विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं कराया। पहले टंडन ने 16 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण के तत्काल बाद फ्लोर टेस्ट का निर्देश दिया था।मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को फिर राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा कि फ्लोर टेस्ट कराना उनके नहीं बल्कि विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है।इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख मुकर्रर की है। अब सभी की निगाहें बुधवार को यानी आज होने वाली सुनावई पर टिकी हैं। गौरतलब है कि राज्यपाल ने 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट के लिए कमलनाथ सरकार को निर्देश दिया था। इस बीच राज्य विधानसभा का बजट सत्र कोरोना वायरस की आड़ लेकर 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद राज्यपाल ने सोमवार रात मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने का फिर आदेश दिया था। इस पर भी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। हालांकि, पत्र के जरिये राज्यपाल को जवाब में कमलनाथ ने इसमें अपनी कोई भूमिका नहीं होने की बात कहते हुए गेंद विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति के पाले में डाल दी है।
 

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