बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में 30 सितंबर को आएगा फैसला, कोर्ट में आडवाणी-जोशी समेत अन्य सभी होंगे मौजूद- Watch Video

Publish Date: 16 Sep, 2020
 

Babri Masjid Demolition Case : बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुनवाई करने वाली विशेष सीबीआई की स्पेशल कोर्ट 30 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। न्यायाधीश एसके यादव ने सभी आरोपियों को फैसले के दिन अदालत में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। 32 आरोपियों में प्रमुख हैं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और भाजपा नेता एम.एम. जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती और विनय कटियार आरोपी है। लालकृष्ण आडवाणी, एमएम जोशी और उमा भारती - उस समय के भाजपा के प्रमुख नेताओं पर साजिश का आरोप है, जिसके कारण दिसंबर 1992 में 15 वीं शताब्दी की मस्जिद का विध्वंस हुआ। बता दें कि योध्या में 6 दिसंबर 1992 को राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद ढहा दी थी। वहीं सीबीआई के वकील ललित सिंह ने पीटीआई को बताया कि बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें 1 सितंबर को समाप्त हुईं और उसके बाद विशेष न्यायाधीश ने फैसला लिखना शुरू कर दिया था। अभियोजन पक्ष सीबीआई आरोपियों के खिलाफ 351 गवाहों और लगभग 600 दस्तावेज प्रस्तुत कर चुकी है।  सुप्रीम कोर्ट ने 19 जुलाई 2019 को अयोध्या मामले में आपराधिक मुकदमे को पूरा करने के लिए छह महीने की समय सीमा बढ़ा दी थी। साथ ही साथ अंतिम आदेश के लिए नौ महीने की समय सीमा भी निर्धारित की थी। सीबीआई ने पहले ही मामले के संबंध में अपने 400 लिखित तर्क दायर किए हैं। सीबीआई ने अदालत के समक्ष 351 गवाह और लगभग 600 दस्तावेजी सबूत पेश किए हैं। आपको बता दें कि, अयोध्या में बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर, 1992 को कारसेवकों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था। यह कहा गया था कि मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन मंदिर को तोड़ने के बाद किया गया था, जिससे भगवान राम के जन्मस्थान को चिह्नित किया था और पिछले साल नवंबर में, सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। राम जन्मभूमि मामले का शीर्षक सूट, स्थल पर मंदिर के निर्माण का आदेश दे दिया। इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए दखिए ये Video…

 
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