Srinagar: पीडीपी प्रमुख Mehbooba Mufti ने अपने घर पर की PDP नेताओं संग बैठक – Watch Video

Publish Date: 14 Oct, 2020
 

Srinagar: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती करीमन को 14 महीने बाद रिहा कर दिया गया है। अब उनकी रिहाई के बाद  उनकी पहली तस्वीर भी सामने आई है। इस तस्वीर में वह अपनी पार्टी पीडीपी नेताओं के साथ नजर आ रही हैं। उनकी रिहाई से जम्मू और कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने का संदेह है। इस दौरान महबूबा मुफ्ती के आवास के बाहर भी पार्टी कार्यकर्ता नज़र आए, पीडीपी नेता ताहिर सईद ने कहा, कि 14 महीने बाद हम उनको देख रहे है, हमें बहुत ख़ुशी है। इस बीच, पीडीपी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहली बार अपने पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात की। क्योंकि केंद्र द्वारा पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द कर दिया गया था। पार्टी द्वारा जारी एक वीडियो में, मुफ्ती को उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए भी देखा गया जो फेयरव्यू निवास वेनेसडे में उनका स्वागत और अभिवादन कर रहे थे। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने के साथ ही महबूबा मुफ्ती को पीएसए के तहत हिरासत में ले लिया गया था। तबसे अब तक उनकी हिरासत की अवधि लगातार बढ़ाई जा रही थी। आखिरकार 14 महीने और आठ दिन बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उन्हें रिहा करने का फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर के प्रमुख सचिव सूचना रोहित कंसल ने इसकी जानकारी दी। इंतेजामिया ने महबूबा मुफ्ती को 436 दिन बाद रिहा किया है। रिहाई के बाद महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने उनके ही ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर मुश्किल वक़्त में साथ देने वालों को शुक्रिया अदा किया है। गौरतलब है कि पिछले साल मोदी सरकार ने संविधान से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर को विभाजित कर केंद्र शासित प्रदेश बनाने के पहले राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत तमाम प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया था। इनमें महबूबा मुफ्ती के साथ पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के साथ कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज का नाम भी शामिल है। इनमें से फारुख और उमर अब्दुल्ला को पहले ही रिहा किया जा चुका है। वहीं महबूबा मुफ्ती की हिरासत अवधि लगातार बढ़ाई जा रही थी, जो अब खत्म हो गई है। आपको बता दें कि महबूबा मुफ्ती ने एक ऑडियो संदेश जारी कर आर्टिकल 370 (Article 370) के प्रावधानों को हटाए जाने को काला फैसला करार दिया और कहा कि कश्मीर का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने अपने टि्वटर पर पोस्ट किये गए ऑडियो संदेश में कहा, ‘मैं आज एक साल से भी ज्यादा समय के बाद रिहा हुई हूं। 5 अगस्त 2019 के उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रूह पर हर पल वार करता रहा। मुझे यकीन है कि ऐसी ही स्थिति जम्मू-कश्मीर के लोगों की रही होगी। कोई भी उस दिन की बेइज्जती को भूल नहीं सकता।’ इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

 

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