Bihar Cycle Girl Jyoti की कहानी, साइकिल पर बीमार पिता को बैठा गुरुग्राम से पहुंच गई बिहार- Watch Video

Publish Date: 26 May, 2020
 
Bihar Cycle Girl Jyoti: कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में कोहराम मचा हुआ है। देश में इसको रोकने के लिए 31 मई तक लॉकडाउन लागू है। इस समय हर गुजरता दिन दुख, दर्द, बेबसी, बहादुरी, हौसला, लाचारी और इरादों की बुलंदी की कितनी ही कहानियां लेकर इतिहास बन रहा है। ऐसे ही एक कहानी सामने आई है कहानी बिहार से सामने आई, हरियाणा के गुरुग्राम से अपने पिता को साइकिल पर बैठा 15 साल की एक लड़की बिहार के दरभंगा पहुंच गई। बिहार की बेटी ज्योति इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. पूरे देश के अलावा विदेशों में भी लोग उसके हौसले को सलाम कर रहे हैं। ज्योति ने लॉकडाउन में अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बैठाकर लगभग 1200 किमी की दूरी तय की। वो गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा पहुंच गई, आठ दिनों में उन्होंने यह दूरी तय की। इस साहसिक काम की लगातार प्रशंसा हो रही है. ज्योति के नाम की चर्चा विदेशों में भी है यही कारण है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ने भी ज्योति की तस्वीर को ट्वीट करते हुए उसकी प्रशंसा की थी। इवांका ने अपने ट्वीट में लिखा, 15 साल की ज्योति कुमारी ने अपने जख्मी पिता को साइकिल से सात दिनों में 1,200 किमी दूरी तय करके अपने गांव ले गई. सहनशक्ति और प्यार की इस वीरगाथा ने भारतीय लोगों और साइकलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ज्योति के इस साहसिक कदम को देखते हुए भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने उन्हें ट्रायल के लिए दिल्ली बुलाया है। फेडरेशन के चेयरमैन ओंकार सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अगर आठवीं क्लास की छात्रा ज्योति यह ट्रायल पास कर लेती है, तो आईजीआई सपोर्ट कॉम्प्लेक्स में स्थित स्टेट-ऑफ-द-आर्ट नेशनल साइकिलिंग एकेडमी में ट्रेनी के रूप में चयनित हो जाएगी।
 

Related videos

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept