Freedom fighters of India: 1857 में अंग्रेजों को सबक सिखाने वाली स्वतंत्रता संग्राम सेनानी Begum Hazrat Mahal की कहानी – Watch Video

Publish Date: 15 Aug, 2020
 
Freedom fighters of India हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के अलावा ऐसे बहुत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। जिनके नाम इतिहास की किताबों के पन्नों से गायब हैं। या लोग इन लोगों के बारे में बहुत कम जानते हैं, ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों की याद में इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम आपको बताने वाले ऐसे ही स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी, जिन्होनें देश को आज़ाद करने के लिए अपना जीवन लगा दिया। The Unsung Heroes में आज हम स्वतंत्रता संग्राम Begum Hazrat Mahal की कहानी बताने जा रहे हैं। Begum Hazrat Mahal, भारत की एक अनन्य स्वतंत्रता सेनानी थीं, अवध की बेगम थीं और प्रसिद्ध नवाब, लखनऊ के नवाब, वाजिद अली शाह की पत्नी थीं। Begum Hazrat Mahal को मुख्य तौर पर आजादी के पहले आंदोलन में अपनी भूमिका और समर्थन के लिए जाना जाता है। अंग्रेज़ों द्वारा कलकत्ते में अपने शौहर के निर्वासन के बाद उन्होंने लखनऊ पर क़ब्ज़ा कर लिया और अपनी अवध रियासत की हकूमत को बरक़रार रखा। अंग्रेज़ों के क़ब्ज़े से अपनी रियासत बचाने के लिए उन्होंने अपने बेटे नवाबज़ादे बिरजिस क़द्र को अवध के वली शासक नियुक्त करने की कोशिश की थी; मगर उनका शासन जल्द ही ख़त्म होने की वजह से उनकी ये कोशिश असफल रह गई। Begum Hazrat Mahal में संगठन की अभूतपूर्व क्षमता थी जिसके कारण अवध प्रांत के ज़मींदार, किसान और सैनिकों ने उनका साथ दिया और उनके नेतृत्व में आगे बढ़ते रहे। हालाँकि उन्होंने जी-जान से अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ाई और सघर्ष किया पर अंततः उन्हें हार का सामना करना पड़ा और भागकर उन्होंने नेपाल में शरण लिया जहाँ पर उनकी मृत्यु सन 1879 में हो गयी। Begum Hazrat Mahal के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video
 

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