Auto Review: Tata Harrier BS6 Automatic Review, जानें खूबियाँ और ख़ामियाँ

Publish Date: 19 Jan, 2021 |
 

 

Tata Harrier BS6 Automatic Review: जागरण हाईटेक पर Tata Harrier की 5 ऐसी बड़ी बातें बताएंगे जिनके चलते आपको इसे खरीदना चाहिए और 3 ऐसी बातें जिनकी वजह से ये गाड़ी आपको निराश करती है।

1. बेहतर रोड प्रिसेंसेस

अगर आप इन दिनों एक ऐसी बड़ी एसयूवी की तलाश कर रहे हैं जिसे लोग मुड़ मुड़ कर देखें तो Tata Harrier आपके लिए एक perfect पैकेज के साथ आती है। इसमें ब्रांड की लेटेस्ट Impact 2.O डिजाइन Philosophy दी गई है, जिसके चलते इसकी स्टाइलिंग काफी बेहतर और युनिक लगती है। अब इसमें दिया गया कैलिप्सो रेड कलर और ब्लैक रूफ के अलावा इसके हेडलैंप्स की अरेंजमेंट, रूफलाइन और टेल लैंप्स सड़कों पर लोगों की नजरों को अपनी ओर खींचते हैं। Harrier कंपनी की एक किफायती और पहली ऐसी एसयूवी है जिसे टाटा की ही कंपनी जगुआर लैंड रोवर के OMEGA प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है।

2. कारण नंबर दूसरा

पावरफुल इंजन

Tata Harrier में 2.0 लीटर का डीजल इंजन मिलता है जो अब 30 PS ज्यादा पावर देकर 170 PS की पावर और 350 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। अब इंजन ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ भी आता है, जो कि 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर है। अगर आपने पुरानी BS4 Harrier चलाई है जो आपको इसके इंजन में रिफाइनमेंट लेवेल्स और NVH लेवेल्स में काफी सुधार देखने को मिलेगा। चलाने के दौरान 15,00 rpm जैसे ही आप पार करते हैं तो इसका रिस्पांस ध्यान देने लायक होता है और ये साफ 4,600 rpm रेडलाइन तक खींच जाती है। वास्तव में इंजन तब ज्यादा शोर करता है जब आप अपना पंजा 3,500rpm से ज्यादा रखते हैं। गियरबॉक्स की खास बात ये भी है कि जैसे ही आप इसे मैनुअल मोड पर डालते हैं तो ये ऑटोमैटिकली स्पोर्ट मोड पर चली जाती है और ऐसे में ये 0 - 100 kmph भी महज कुछ सेकंड्स में पकड़ लेती है।

3. कारण नंबर तीसरा

स्मूथ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन

इंजन के साथ मिलने वाला 6-स्पीड ऑटोमैटिक टॉर्क कन्वर्टर Hyundai Wala ही है और ये अपना आप काफी बेहतरीन तरीके से करता है। गियर शिफ्ट होने का पता ही नहीं चलता और थ्रोटल इनपुट के साथ linear पावर डिलीवरी प्रदान करता है। गियरबॉक्स हमेशा ही एक्शन में रहता है और आप इसे पूरे दिन आसानी से कम ब्रेक का इस्तेमाल किए चला सकते हैं। ऑटोमैटिक हमेशा आपकी सुविधा का ध्यान रखता है, इसलिए अगर आप कम गियर्स पर डाउनहिल पर भी हैं तो आपको Constant ब्रेकिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्पोर्ट और ईको मोड के अलावा इसमें टेर्रेन मोड्स Normal’, ‘Rough’, और Wet दिए हैं जिन्हें इस्तेमाल करके आप एक बेहतर मात्रा में टॉर्क हासिल कर सकते हैं और थोड़ी-बहुत ऑफ-रोडिंग भी कर सकते हैं।

4. स्पेशियस और कम्फर्टेबल केबिन

Tata Harrier में अब इलेक्ट्रिकली एडजस्टबेल ड्राइव सीटें, एक पैनोरामिक सनरूफ और नए aerodynamic door मिरर्स के साथ ऑटो डिमिंग inner rear view mirror भी दिया है। Seltos, Creta और Compass के मुकाबले ये काफी ज्यादा स्पेशियस है और इसमें काफी सारा लेगरूम, शोल्डर रूम और हेड रूम मिलता है और सिर्फ फ्रंट में ही नहीं बल्कि रियर पैसेंजर्स के लिए भी इस एसयूवी में काफी ज्यादा स्पेस मिलता है। सीटें भी काफी ज्यादा आरामदायक हैं। 5 लोग इस SUV में काफी आराम से बैठ सकते हैं। इंटीरियर काफी प्यारा और Rich फील देता है। डैशबोर्ड पर Wooden फिनिश के अलावा काफी अच्छे Plastic Material का इस्तेमाल किया गया है। सेफ्टी के लिहाज से देखें तो कंपनी ने इसमें 6 एयरबैग्स के अलावा ABS, ESC और Hill Descent Control जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे एक परफेक्ट पैकेज बनाते हैं।

5. कारण नंबर पांचवा

Tata Harrier SUV में जो U है U, Utility का काफी ध्यान रखा है। दरवाजों में दो लीटर की पानी की बोतल रख सकते हैं आपके फोन के लिए जगह मिलती है, कप-होल्डर्स मिलते हैं और सेंटर आर्मरेस्ट के नीचे भी आपको काफी अच्छा खासा स्पेस मिल जाता है। ग्लॉव बॉक्स भी काफी डीप है।

दूसरी पंक्तियों पर देखें तो इसमें एक यूनीक डबल-डेकर डोर-पैड स्टोरेज मिलता है। सेंटर कंसोल और फ्रंट सीटबैक पॉकेट्स में भी आप अपनी कुछ-कुछ चीजें रख सकते हैं। आर्मरेस्ट में ट्विन कप-होल्डर्स के साथ भी अच्छा खासा स्पेस मिल जाता है।

अभी खत्म नहीं हुआ है... बूट में भी आप कम से कम तीन से चार मीडियम साइड के सूटकेस और कुछ सॉफ्ट बैग्स रख सकते हैं। इसके अलावा इसमें छोटा कम्पार्टमेंट मिलता है जहां स्पेयर टायर रखा जाता है। वहीं, अगर बूट फिर भी भर जाता है तो आप पिछली सीटों को 60:40 पर फ्लिप कर सकते हैं और फिर इसमें आप काफी सारा सामान रख सकते हैं।

अब बात करते हैं उन तीन Reasons की जिनकी वजह से आपके ये गाड़ी नहीं खरीदनी चाहिए

1. फिट एंड फिनिश

Tata Harrier में जो हमें एक चीज निराश करती है वो है फिट एंड फिनिश... जब कंपनी ने इसे लेटेस्ट Impact 2.0 डिजाइन Philosophy पर बनाया ही है तो इसके फिट-एंट फिनिशिंग पर थोड़ा और बेहतर करना चाहिए था। एक्सटीरियर में जैसे कुछ पैनल्स में fixtures परफेक्ट नहीं लगती वैसे ही इंटरीरियर में भी विंडो के पास डोर-पैड्स और पावर-मिरर कंट्रोल्स के पास दिया गया पैनल रफ कट जैसा फील कराता है। इसके अलावा अगर हम मल्टी-फंक्शनल स्टीयरिंग व्हील और हॉर्न पर ध्यान दें तो कंपनी इन्हें थोड़ा और बेहतर बना सकती थी।

2. इन्फोटेनमेंट सिस्टम और कनेक्टिंग फीचर्स

Harrier में आपको काफी छोटा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम मिलता है और इसका रेस्योल्यूशन भी उतना बेहतर नहीं है। जब हम इतनी बड़ी गाड़ी चला रहे हैं और इन्फोटेनमेंट सिस्टम इतना छोटा... थोड़ा अजीब लगता है, इसमें बड़े और बेहतर टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम की जरूरत है। इसके अलावा इसमे सबसे बड़ी कमी कनेक्टेड कार फीचर्स नहीं मिलते, जो कि इस सेगमेंट की दूसरी गाड़ियों में मिल रहे हैं।

3. पेट्रोल इंजन की कमी

ऑटो मार्केट इस समय पेट्रोल और हाइब्रिड इंजन्स की तरफ धीरे-धीरे शिफ्ट हो रहा है, लेकिन Tata Harrier में अभी भी सिर्फ डीजल इंजन ही मिलता है। मानते हैं, ज्यादातर खरीदार इतनी बड़ी SUV को डीजल इंजन के साथ ही खरीदना पसंद करते हैं, लेकिन कई खरीदार ऐसे भी हैं जिन्हें पेट्रोल इंजन वाली बड़ी SUV को चलाना बेहद पसंद है। खैर, कुछ रिपोर्ट्स ऐसी आ रही हैं कि पेट्रोल इंजन के साथ Harrier जल्द लॉन्च होने वाली है... अगर ऐसा होता है तो ये गाड़ी इंजन और ट्रांसमिशन वेरिएंट्स के मामले में एक परफेक्ट पैकेज साबित होगी।

 

 

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