ToolKit Case: जानें टूलकिट मामले में गिरफ्तार हुई क्लाइमेट‍ एक्टिविस्ट Disha Ravi के बारे में

Publish Date: 15 Feb, 2021 |
ToolKit Case: जानें टूलकिट मामले में गिरफ्तार हुई क्लाइमेट‍ एक्टिविस्ट Disha Ravi के बारे में

ToolKit Case: ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस में पहली गिरफ्तारी हो चुकी है। दिल्ली पुलिस 26 जनवरी को हुए किसान आंदोलन में खालिस्तान साजिश की खोज में जुट गई है। इसी मामले में पहली गिरफ्तारी  21 साल की छात्रा दिशा रवि की हुई है। दिशा 5 दिन के पुलिस हिरासत में हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर ब्रांच ने दिशा को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया है। इसके बाद उसे दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि इस साजिश में दिशा के अलावा और भी की लोग शामिल हो सकते हैं।

 

कौन हैं दिशा रवि? (who is disha ravi) 

दिशा रवि बेंगलूरु के माउंट कार्मेल कॉलेज की छात्रा हैं। वो 21 वर्ष की हैं। अंतरराष्ट्रीय क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के जैसे ही दिशा रवि भी एक क्लाइमेट एक्टिविस्ट हैं। दिशा रवि फ्राइडे फॉर फ्यूचर कैम्पेन की संस्थापक हैं। ग्रेटा थनबर्ग ने फ्राइडे फॉर फ्यूचर के जरीए ही दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी हैं। साल 2018 से ही दिशा रवि फ्राइडे फॉर फ्यूचर कैम्पेन से जुड़ी हैं। इसकी मदद से ही दुनिया भर में पर्यावरण से जुड़े अहम मुद्दों पर मुहिम चलाई जा रही है। 

दिशा रवि बेंगलुरु के माउंट कार्मेल की student हैं। उन्होंने यहां से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया है। दिशा के पिता रवि मैसूरु में एथलेटिक्स कोच हैं और उनकी मां एक housewife हैं। 

बता दें कि दिशा रवि खुद शाकाहारी हैं। इसी वजह से वो एक वेगन स्टार्ट अप के लिए काम करती है। दिशा रवि को बेंगलुरु में कई बार फ्राइडे फॉर फ्यूचर कैम्पेन के तहत शुक्रवार को पर्यावरण से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन करते दिखी हैं। वैसे तो दिशा का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। 

 

टूलकिट विवाद क्या है? (What is a toolkit controversy?) 

पुलिस ने टूलकिट मामले में 4 फरवरी को केस दर्ज किया था। पुलिस ने आपराधिक साजिश रचने के आरोप में टूलकिट के एडिटरों के खिलाफ दर्ज की थी। पुलिस का कहना है कि टूलकिट मामला खालिस्तानी ग्रुप को दोबारा खड़ा करना है। इसके साथ ही भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि दिशा ने टूलकिट को एडिट किया है और उसे वॉट्सऐप ग्रुप पर शेयर किया था। यह टूलकिट किसानों के आंदोलन के समर्थन में बनाई गई थी। बता दें कि यह वही टूलकिट है, जिसे ग्रेटा थनबर्ग ने Twitter पर शेयर किया था। दिल्ली पुलिस ने बताया दिशा उस टूलकिट की एडिटर हैं।

 

टूलकिट क्या होता है? (What is a toolkit?)

टूलकिट को एक तरह का डिजिटल हथियार कहा जा सकता है। टूलकिट का इस्तेमाल  सोशल मीडिया पर आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। पहली बार इसके बारे में तब पता चला था जब  अमेरिका में ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन शुरू हुआ था। टूलकिट के जरीए किसी भी आंदोलन को बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों जोड़ा जाता है। 

किसी भी आंदोलन के विरोध में पुलिस अगर कोई एक्शन लेती है तो क्या करना चाहिए, ये भी बताया जाता है। सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर करते समय किन बातों का ध्यान रखना है इसके बारे में भी बताया जाता है। प्रदर्शन के दौरान अगर कोई परेशानी हो तो क्या करें और किससे संपर्क करें। इसकी भी जानकारी दी जाती है। 










 

Related videos

यह भी पढ़ें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept