अमेरिका ने H1B वीजा का सस्पेंशन बढ़ाया, Google के CEO सुंदर पिचाई ने इस फैसले को बताया गलत

Publish Date: 24 Jun, 2020
 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने H1-B वीजा (H1-B visa) को रद्द करने की घोषणा की है। ट्रंप ने वीजा का सस्पेंशन फिलहाल इस साल के अंत तक के लिए आगे बढ़ा दिया है। इससे भारत समेत दुनिया भर के आईटी पेशेवरों को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप सरकार के इस फैसले पर लोग आपत्ति जता रहे हें। ट्रंप सरकार के इस फैसले को गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai on visa ban) ने भी गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन की वजह से अमेरिका को इतना फायदा हुआ है. इसकी वजह से वह ग्लोबल टेक लीडर बना। पिचाई ने लिखा कि वह आज के ऑर्डर से निराश हैं। पिचाई ने कहा कि इमिग्रेशन की वजह से दुनिया भर की प्रतिभा को अमेरिका में काम करने का मौका मिलता है और उसे इतना फायदा हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से दुनियाभर से अमेरिका में नौकरी करने का सपना देखने वाले 2.4 लाख लोगों को झटका लगा है। बता दें कि अमेरिका में काम करने वाली कंपनियों के लिए विदेशी कामगारों को मिलने वाले वीजा को एच-1 बी वीजा कहते हैं। इस वीजा को एक तय अवधि के लिए जारी किया जाता है। आपको बता दें कि ट्रंप प्रशासन के मुताबिक यह फैसला अमेरिकी श्रमिकों के हित के लिए लिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि, यह कदम उन अमेरिकियों की मदद करने के लिए जरूरी था, जिनकी मौजूदा आर्थिक संकट के कारण नौकरी चली गई है। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने H1B, L1 और अन्य अस्थाई कामकाजी वीजा को सस्पेंड कर दिया है। यानी जिन आईटी वाले लोगों का H1B वीजा अप्रैल लॉटरी में अप्रूव हो गया था उन्हें भी अब आने की इजाजत नहीं होगी।
 
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