WhatsApp Privacy Policy : जानें क्या है WhatsApp की नई पॉलिसी में, Data Privacy को लेकर लोग हुए सतर्क – Watch Video

Publish Date: 21 Jan, 2021 |
 

WhatsApp की पॉलिसी अपडेट कंपनी के मुसीबत बनती जा रही है। भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नालॉजी मंत्रालय ने WhatsApp के सीईओ को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि भारतीय यूजर्स के लिए नई प्राइवेसी पॉलिसी को वापस लिया जाए। फिलहाल, इस नई पॉलिसी को टाल दिया गया है। लेकिन इस नई पॉलिसी में ऐसा क्या है जिसे लेकर इतना बवाल मचा हुआ है। इस Video में हम आपको बताने वाले हैं कि आखिर WhatsApp यूजर का कौनसा डेटा कलेक्ट करता? नई पॉलिसी का आप पर क्या असर पड़ने वाला है? WhatsApp की जगह आप कौनसी App का इस्तेमाल कर सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब आपको इस Video में मिल जाएगा।

WhatsApp ने जारी बयान जारी कर बताया है कि, ऐप यूजर्स के प्राइवेट मैसेज का डेटा और यूजर के कॉल्स का डेटा नहीं लेगी। कंपनी ने साफ किया है कि आम लोगों डेटा को नहीं लिया जाएगा। आपके Chat encrypted होते हैं जिन्हें कंपनी भी नहीं पढ़ सकती है। लेकिन नई पॉलिसी में व्हाट्सएप के पास आपका जितना भी डेटा है वो फेसबुक और दूसरी कंपनियों के साथ भी शेयर करेगी। इस डेटा में, फोन मॉडल, ऑपरेटिंग सिस्टम, बैटरी लेवल, सिग्नल स्ट्रेन्थ, ब्राउजर, लोकेशन, IP एड्रेस और IMEI नंबर शामिल है। इतना ही नहीं, आप किन ग्रुप्स में जुड़े हैं, आपका स्टेटस,  लास्ट सीन, और प्रोफाइल फोटो तक शेयर की जाएगी। कंपनी का कहना है कि इस डेटा से दूसरी कंपनी विश्लेषण संबंधी उद्देश्य को पूरा करेंगी। इसका मतलब ये है कि फेसबुक के पास पहले ज्यादा डेटा का एक्सेस होने वाला है। इससे फेसबुक की अन्य कंपनियां अपने प्रोडक्ट आप तक पहुंचना आसाना हो जाएगा। इससे कंपनियां को बड़ा लाभ मिलेगा।

वहीं भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नालॉजी मंत्रालय ने WhatsApp के सीईओ को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि भारतीय यूजर्स के लिए नई प्राइवेसी पॉलिसी को वापस लिया जाए। इस पत्र में इंफर्मेशन सिक्यूरिटी पर सवाल उठाया गया है और कहा या है कि चैट का डेटा बिजनेस अकाउंट से शेयर करने से कंपनियों को यूजर्स के बारे में सारी सूचनाएं मिल जाएंगी। इससे यूजर्स की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

मंत्रालय के अनुसार, व्हाट्सऐप का नया Update  मानिए या फिर छोड़िए, नई टर्म्स को मानने पर मजबूर कर रहा है। इस Update में इनकार करने की गुंजाइश नहीं है। भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 2017 फैसले में आए प्राइवेसी नियमों बारे मे भी याद दियाया है। जब भारतीय संसद में पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल पर चर्चा चल रही है तो व्हाट्सऐप यह नीति क्यों लेकर आया है। बता दें कि यह संयुक्त संसदीय समिति के पास विचाराधीन है। इस खबर के बारे में और अधिक जानने के लिए देखिए ये Video…

 

 

 

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